Bihar: बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने का फैसला किया है। अब जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पुराने तरीके के बजाय हाईटेक सिस्टम का इस्तेमाल होगा। सरकार का मकसद जमीन से जुड़े विवादों को कम करना और प
Bihar: बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने का फैसला किया है। अब जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पुराने तरीके के बजाय हाईटेक सिस्टम का इस्तेमाल होगा। सरकार का मकसद जमीन से जुड़े विवादों को कम करना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है ताकि आम लोगों को अदालतों के चक्कर न काटने पड़ें।
रजिस्ट्री के लिए अब क्या हैं नए नियम?
नए नियमों के मुताबिक, अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले संबंधित Circle Officer (CO) की जांच और मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। CO को आवेदन मिलने के 10 दिनों के भीतर यह रिपोर्ट देनी होगी कि जमीन निजी है या सरकारी, उस पर कोई विवाद तो नहीं है और बेचने वाले के दावे सही हैं या नहीं। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए नियमों में दस्तावेजों की संख्या बढ़ सकती है और फीस में भी बदलाव संभव है।
जांच के लिए GIS तकनीक और डिजिटल सुधार का इस्तेमाल
राजस्व की हानि रोकने के लिए अब Geographic Information System (GIS) तकनीक से जमीन का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। जिला और सब-रजिस्ट्रार अब मौके पर जाकर इस तकनीक से जांच करेंगे। साथ ही, सरकार ने नाम की गलती या टाइपिंग की त्रुटियों को सुधारने के लिए एक डिजिटल सिस्टम शुरू किया है। अब लोग ऑनलाइन आवेदन कर अपनी रजिस्ट्री के कागजों में सुधार करवा सकते हैं, जिसकी समय सीमा अधिकतम 22 दिन तय की गई है।
आम जनता के लिए जरूरी पोर्टल और सुविधाएं
जमीन से जुड़े कामों के लिए सरकार ने कई पोर्टल बनाए हैं। खरीदार और विक्रेता अब e-Nibandhan पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, Bhumijankari पोर्टल से मॉडल डीड और सर्कल रेट की जानकारी मिल जाएगी। Bihar Bhumi पोर्टल का उपयोग ऑनलाइन म्यूटेशन और लगान भुगतान के लिए किया जा सकता है। सरकार ने वंशावली जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने की समय सीमा भी फरवरी 2025 तक बढ़ा दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जमीन रजिस्ट्री के लिए CO की मंजूरी क्यों जरूरी है?
CO की मंजूरी इसलिए जरूरी है ताकि यह पता चल सके कि जमीन सरकारी तो नहीं है या उस पर कोई कानूनी विवाद तो नहीं चल रहा है। यह रिपोर्ट आवेदन के 10 दिनों के भीतर जारी की जाएगी।
रजिस्ट्री के कागजों में गलती होने पर अब क्या करें?
बिहार सरकार ने इसके लिए डिजिटल सुधार सिस्टम शुरू किया है। अब नाम या पते जैसी गलतियों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, जिसे अधिकतम 22 दिनों में ठीक कर दिया जाएगा।