Bihar: बिहार में जमीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया अब पहले जैसी नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचलाधिकारी (CO) की जांच रिपोर
Bihar: बिहार में जमीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया अब पहले जैसी नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचलाधिकारी (CO) की जांच रिपोर्ट लेना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से जमीन के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जीवाड़े और सालों तक चलने वाले कानूनी विवादों में बड़ी कमी आएगी।
रजिस्ट्री के लिए अब क्या होगा नया प्रोसेस
अब क्रेता और विक्रेता को ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के समय जमीन से जुड़ी 13 अहम जानकारियां देनी होंगी, जिनमें खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी और जमाबंदी जैसे विवरण शामिल हैं। अगर आवेदक जमीन की अपडेटेड रिपोर्ट चाहता है, तो आवेदन CO या राजस्व अधिकारी के पास जाएगा। अधिकारी को 10 दिनों के भीतर यह जांच कर रिपोर्ट देनी होगी कि जमीन सरकारी है या निजी और उस पर कोई विवाद तो नहीं है।
महत्वपूर्ण तारीखें और नए नियम
| नियम/सुविधा |
लागू होने की तिथि |
| पैनकार्ड अनिवार्य (10 लाख से अधिक की रजिस्ट्री) |
30 जनवरी, 2026 |
| GIS तकनीक से भौतिक सत्यापन |
24 जनवरी, 2026 |
| CO जांच रिपोर्ट की अनिवार्य व्यवस्था |
15 मई, 2026 (कुछ रिपोर्ट के अनुसार) |
| रैयती भूमि पर अपडेटेड रिपोर्ट सुविधा |
वित्तीय वर्ष 2026-27 से |
आम लोगों को इससे क्या फायदा होगा
बिहार में करीब 60 प्रतिशत हिंसक अपराधों की वजह जमीन विवाद होते हैं। नई व्यवस्था से खरीदार को रजिस्ट्री से पहले ही जमीन की असली स्थिति पता चल जाएगी, जिससे धोखाधड़ी का खतरा कम होगा। इसके अलावा, 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए घर बैठे निबंधन की सुविधा दी जाएगी। सरकार अब रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 को बदलकर नया पंजीकरण विधेयक 2025 लाने की तैयारी में है, जिससे पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और डिजिटल हो जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या CO की रिपोर्ट में देरी होने पर रजिस्ट्री रुक जाएगी?
अगर अंचलाधिकारी 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट नहीं देते हैं, तो पोर्टल पर दी गई जानकारी के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है, लेकिन ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन में क्या-क्या जानकारी देनी होगी?
ई-निबंधन पोर्टल पर निबंधन कार्यालय, अंचल, मौजा, थाना, खाता, खेसरा, कुल रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता-विक्रेता का नाम और भूमि का प्रकार जैसी 13 जानकारियां देनी होंगी।