Bihar में जमीन रजिस्ट्री हुई महंगी, नए सर्किल रेट लागू होने से बढ़ेगा खरीदारों का खर्च
Bihar: बिहार में जमीन और मकान खरीदने वालों के लिए अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। राज्य सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के लिए नए सर्किल रेट लागू कर दिए हैं, जिससे अब रजिस्ट्री कराना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है। 19 जून 20
Bihar: बिहार में जमीन और मकान खरीदने वालों के लिए अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। राज्य सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के लिए नए सर्किल रेट लागू कर दिए हैं, जिससे अब रजिस्ट्री कराना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है। 19 जून 2026 से प्रभावी हुए इन नए नियमों का सीधा असर शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों के खरीदारों पर पड़ेगा।
निषेध, उत्पाद और रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा 18 जून 2026 को जारी नोटिफिकेशन के बाद यह बदलाव लागू किया गया। आबकारी आयुक्त सह रजिस्ट्रेशन आईजी अंशुल अग्रवाल ने बताया कि सरकारी रेट्स को मार्केट रेट के करीब लाने और राजस्व बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। वीरपुर और जहानाबाद जैसे जिलों के सब-रजिस्ट्रार ने भी पुष्टि की है कि अब सभी रजिस्ट्री नए रेट्स के आधार पर ही की जा रही हैं।
नए नियमों के तहत स्टाम्प ड्यूटी और जमीन की कीमतों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | नया नियम / बदलाव |
|---|---|
| ग्रामीण जमीन रेट | 60% की बढ़ोतरी (1.6 गुना) |
| शहरी जमीन रेट | 100% की बढ़ोतरी (2 गुना) |
| सालाना बढ़ोतरी | MVR रेट्स में हर साल 5% की ऑटोमैटिक वृद्धि |
| जनरल स्टाम्प ड्यूटी | 6% से बढ़ाकर 7% किया गया |
| महिलाओं के लिए छूट | स्टाम्प ड्यूटी छूट 0.3% से बढ़ाकर 0.4% की गई |
| कुल महिला रियायत | रजिस्ट्रेशन फीस मिलाकर कुल 0.5% की छूट |
सरकार ने धोखाधड़ी रोकने के लिए कुछ कड़े नियम भी जोड़े हैं। अब कुछ खास इलाकों में रजिस्ट्री से पहले जमीन की साइट पर जाकर जियो-टैग फोटो लेना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, पुराने रेट्स के आधार पर किए गए ऑनलाइन आवेदन और चालान रद्द कर दिए गए हैं। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बिहार भूमि पोर्टल के जरिए रिकॉर्ड चेक करने और म्यूटेशन स्टेटस देखने की सुविधा दी गई है।
जमीन के वर्गीकरण के लिए अब नए मानक तय किए गए हैं, जिसमें ग्रामीण और बाहरी इलाकों को सात श्रेणियों और शहरी व मेट्रो इलाकों को छह श्रेणियों में बांटा गया है। इसके अलावा, हर तीन साल में हाईवे, इंडस्ट्रियल जोन और शहरी विस्तार जैसे कारकों को देखते हुए MVR रेट्स की पूरी समीक्षा की जाएगी। रजिस्ट्री रिकॉर्ड में गलती सुधारने के लिए मई 2026 में एक डिजिटल सिस्टम भी शुरू किया गया है, जिससे 22 कार्य दिवसों के भीतर सुधार संभव होगा।