Bihar: बिहार में जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार अब पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस और डिजिटल बनाने जा रही है। सभी 137 रजिस्ट्री कार्यालयों में तकनीकी संसाधनों को अपडेट कर दिया गया है और कर्मचारिय
Bihar: बिहार में जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार अब पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस और डिजिटल बनाने जा रही है। सभी 137 रजिस्ट्री कार्यालयों में तकनीकी संसाधनों को अपडेट कर दिया गया है और कर्मचारियों को जरूरी ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। अब बस आधिकारिक आदेश का इंतजार है जिसके बाद लोगों को रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और कागजों का बोझ उठाने से छुटकारा मिल जाएगा। इस नई व्यवस्था से जमीन के लेन-देन में पारदर्शिता आएगी और फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म होगी।
रजिस्ट्री के लिए अब कौन सी जानकारियां देनी होंगी?
नए नियमों के तहत 1 अप्रैल 2026 से जमीन रजिस्ट्री के लिए आवेदकों को 13 खास जानकारियां देनी अनिवार्य होंगी। इसमें जमीन के मालिक का नाम, खरीदार और विक्रेता का ब्यौरा, खाता नंबर, खेसरा, रकबा और जमीन की चौहद्दी जैसी जानकारी शामिल है। साथ ही ई-रजिस्ट्री पोर्टल पर लॉगिन क्रेडेंशियल भी जरूरी होगा। इन जानकारियों को पोर्टल पर अपलोड करने के बाद अंचल अधिकारी इसका सत्यापन करेंगे। आवेदकों को 10 दिनों के भीतर मोबाइल पर कंफर्मेशन मैसेज मिल जाएगा।
डिजिटल रजिस्ट्री सिस्टम के क्या होंगे बड़े फायदे?
डिजिटल सिस्टम लागू होने से जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी और काम की गति बढ़ेगी। इसके मुख्य लाभ नीचे दिए गए हैं:
- कागजी रिकॉर्ड का अंत: 1 जनवरी 2026 से फिजिकल सर्टिफाइड कॉपी मिलना बंद हो जाएगी, अब सिर्फ डिजिटल कॉपी ही मान्य होगी।
- पुराने रिकॉर्ड ऑनलाइन: साल 1908 से अब तक के करीब 5 करोड़ पुराने दस्तावेजों को डिजिटल किया जा रहा है ताकि लोग घर बैठे इन्हें देख सकें।
- स्पेशियल म्यूटेशन: बिहार देश का पहला राज्य है जहां जमीन की खरीद-बिक्री से पहले उसका नक्शा (प्री-म्यूटेशन स्केच) तैयार किया जाएगा।
- आधार ऑथेंटिकेशन: सुरक्षा के लिए पोर्टल को आधार से जोड़ा जाएगा ताकि पहचान की चोरी न हो सके।
- कानूनी मान्यता: डिजिटल सिग्नेचर वाली कॉपी कोर्ट और बैंक समेत सभी सरकारी कामों में पूरी तरह मान्य होगी।
महत्वपूर्ण तारीखें और जरूरी बदलाव
बिहार सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक ‘राजस्व महा अभियान’ भी चलाया जाएगा ताकि लोगों के जमाबंदी रिकॉर्ड सुधारे जा सकें।
| बदलाव का नाम |
प्रभावी होने की तिथि |
| पेपरलेस रजिस्ट्री (सभी 137 दफ्तर) |
1 अप्रैल 2025 |
| फिजिकल रिकॉर्ड जारी करना बंद |
1 जनवरी 2026 |
| पुराने रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन लक्ष्य |
31 मार्च 2026 |
| नए 13 नियम वाली रजिस्ट्री |
1 अप्रैल 2026 |