Bihar: बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नए नियम जारी किए हैं। सरकार का मकसद जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाली धोखाधड़ी को रोकना और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब जमीन खरीदन
Bihar: बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नए नियम जारी किए हैं। सरकार का मकसद जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाली धोखाधड़ी को रोकना और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब जमीन खरीदने से पहले खरीदारों को कुछ खास बातों और दस्तावेजों का ध्यान रखना होगा, ताकि भविष्य में किसी कानूनी विवाद या परेशानी से बचा जा सके।
जमीन खरीदने के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत
जमीन की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज के लिए अब कई जरूरी कागजात एक साथ देने होंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए सभी दस्तावेजों को एक ही PDF फाइल में अपलोड करना होगा। मुख्य दस्तावेजों की सूची नीचे दी गई है:
| दस्तावेज का नाम |
विवरण |
| पहचान पत्र |
आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट |
| संपर्क विवरण |
खरीदार और विक्रेता का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी |
| जमीन के कागज |
सेल डीड की फोटोकॉपी, खसरा नंबर, खतौनी और प्लॉट का नक्शा |
| पेमेंट प्रूफ |
ई-स्टाम्प पेपर की कॉपी (स्टाम्प ड्यूटी भुगतान के लिए) |
| अन्य प्रमाण |
वंशावली (यदि जमीन पुश्तैनी है) और NOC (यदि जरूरी हो) |
| पैन कार्ड |
10 लाख रुपये से अधिक की रजिस्ट्री के लिए अनिवार्य |
दाखिल-खारिज के नए नियम और शर्तें क्या हैं
राजस्व विभाग ने दाखिल-खारिज (Mutation) की प्रक्रिया को अब पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बना दिया है। रजिस्ट्री के 45 दिन बाद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी होती है। अगर कोई व्यक्ति 90 दिनों के भीतर आवेदन नहीं करता है, तो उसे विलंब माफी याचिका देनी होगी, जिस पर अंचल अधिकारी (CO) फैसला लेंगे। विभाग ने सलाह दी है कि आवेदक खुद अपने लॉगिन से आवेदन करें ताकि उन्हें पूरी जानकारी रहे।
किन जमीनों को खरीदने से बचें और क्या रखें सावधानी
बिहार सरकार ने सरकारी जमीनों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। गैर मजरूआ खास, गैर मजरूआ आम और सीलिंग की अधिशेष भूमि जैसी सरकारी जमीनों का अवैध हस्तांतरण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे बिचौलियों के चक्कर में न पड़ें और जमीन खरीदने से पहले खुद सर्वे करें। भुगतान के लिए नकद के बजाय बैंकिंग माध्यम का इस्तेमाल करें और कागजातों की जांच किसी वकील से जरूर करवाएं। केवल उसी व्यक्ति से जमीन खरीदें जिसके नाम पर वैध जमाबंदी हो।