Bihar में जमीन खरीदना होगा महंगा, वैशाली समेत कई जिलों में MVR रेट्स बढ़े, रजिस्ट्री के नियमों में भी बदलाव

Bihar: बिहार में अब जमीन और मकान खरीदना पहले से काफी महंगा हो जाएगा। राज्य सरकार ने जमीन की सरकारी न्यूनतम कीमत यानी MVR (Minimum Value Register) दरों में बड़ी बढ़ोतरी की है। वैशाली जिले सहित पूरे राज्य में नए रेट्स लागू

Bihar: बिहार में अब जमीन और मकान खरीदना पहले से काफी महंगा हो जाएगा। राज्य सरकार ने जमीन की सरकारी न्यूनतम कीमत यानी MVR (Minimum Value Register) दरों में बड़ी बढ़ोतरी की है। वैशाली जिले सहित पूरे राज्य में नए रेट्स लागू कर दिए गए हैं, जिससे अब रजिस्ट्री के समय ज्यादा पैसा देना होगा।

बिहार सरकार के निषिध, उत्पाद एवं registration विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। नए नियमों के मुताबिक, शहरी और पेरिफेरल इलाकों में जमीन की दरें दोगुनी कर दी गई हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इन्हें 1.6 गुना बढ़ा दिया गया है। यह बदलाव 19 जून 2026 से प्रभावी माना गया है। गौरतलब है कि ग्रामीण इलाकों में 2013 और शहरी इलाकों में 2016 के बाद अब दरों में यह बड़ा संशोधन किया गया है।

सरकार ने अब यह नियम बनाया है कि MVR दरों में हर साल 5% की अपने आप बढ़ोतरी होगी। साथ ही, हर तीन साल में बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल जोन के विस्तार को देखते हुए दरों की समीक्षा की जाएगी। विभाग के सचिव अजय यादव ने इस अधिसूचना को जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से उन किसानों को ज्यादा मुआवजा मिलेगा जिनकी जमीन सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए ली जाएगी।

रजिस्ट्री और स्टाम्प ड्यूटी से जुड़े मुख्य बदलाव नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:

विवरण पुराना नियम/रेट नया नियम/रेट
शहरी/पेरिफेरल MVR दर – 2 गुना (100% वृद्धि)
ग्रामीण MVR दर – 1.6 गुना (60% वृद्धि)
सामान्य स्टाम्प ड्यूटी 6% 7%
महिला स्टाम्प ड्यूटी छूट 0.3% 0.4% (कुल प्रभावी ड्यूटी 6.6%)
MVR समीक्षा अवधि – हर 3 साल में
सालाना ऑटोमैटिक वृद्धि – 5% प्रति वर्ष

पेरिफेरल इलाकों की परिभाषा भी तय कर दी गई है। नगर निगम सीमा से 8 किमी, नगर परिषद से 4 किमी और नगर पंचायत से 2 किमी तक के दायरे को अब शहरी दरों के दायरे में रखा जाएगा। पारदर्शिता लाने के लिए अब जमीन को 13 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।

रजिस्ट्री की प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल और सख्त बनाया गया है। खरीदारों को e-registration पोर्टल पर जमीन से जुड़ी 13 जानकारियों को अपलोड करना होगा। इसके बाद अंचल अधिकारी (CO) और राजस्व पदाधिकारी 10 दिनों के भीतर जमीन की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट देंगे, तभी रजिस्ट्री आगे बढ़ेगी। इस बदलाव से राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण में करीब 18,571 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जा सकेगा।