Bihar: बिहार के लोगों के लिए जमीन के कागजात और दाखिल-खारिज की समस्या अब जल्द खत्म होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जो म्यूटेशन मामले 120 दिनों से ज्यादा समय से अटके हु
Bihar: बिहार के लोगों के लिए जमीन के कागजात और दाखिल-खारिज की समस्या अब जल्द खत्म होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जो म्यूटेशन मामले 120 दिनों से ज्यादा समय से अटके हुए हैं, उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। सरकार अब जमीन के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा ले रही है ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
दाखिल-खारिज और रिकॉर्ड सुधार के लिए क्या हैं नए नियम?
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि अगर 15 दिनों के अंदर लंबित मामलों का निपटारा नहीं हुआ, तो संबंधित अंचलाधिकारियों (CO) पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, संपत्ति पंजीकरण रिकॉर्ड में गलतियों को सुधारने के लिए एक डिजिटल व्यवस्था शुरू की गई है, जिसमें जटिल सुधारों के लिए अधिकतम 22 दिनों का समय तय किया गया है। अब ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड को कानूनी मान्यता मिल गई है और भौतिक प्रमाणित प्रतियों की जरूरत नहीं रहेगी।
राजस्व कर्मचारियों के काम करने के तरीके में क्या बदलाव आया?
अब राजस्व कर्मचारी केवल अंचल कार्यालय में बैठकर काम नहीं करेंगे। उन्हें अपने-अपने हल्कों (क्षेत्रों) में रहकर जमीन से जुड़े विवादों और कामों को सुलझाना होगा। हफ्ते में केवल शनिवार को उन्हें अंचल कार्यालय आना होगा, जिसे ‘भू-समाधान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इसका मकसद यह है कि गांव के लोगों को अपनी समस्याओं के लिए शहर या ब्लॉक ऑफिस न जाना पड़े और काम उनके इलाके में ही हो जाए।
AI तकनीक से जमीन के रिकॉर्ड में क्या बदलाव आएंगे?
बिहार सरकार अपने राजस्व प्रशासन में AI टूल्स लागू कर रही है। इसका मुख्य लक्ष्य म्यूटेशन प्रक्रिया को तेज करना और रिकॉर्ड में होने वाली गलतियों को रोकना है। पहले ही AI की मदद से 31 करोड़ रुपये की संपत्ति कर चोरी पकड़ी जा चुकी है। हर जिले में AI सेल बनाया जा रहा है और कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे भूमि माफियाओं के लिए रिकॉर्ड में हेरफेर करना मुश्किल होगा क्योंकि अब करोड़ों पन्नों के रिकॉर्ड को स्कैन कर डिजिटल कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने दिनों में लंबित म्यूटेशन मामलों का निपटारा होगा?
राजस्व मंत्री के निर्देशानुसार, 120 दिनों से अधिक समय से लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के सभी मामलों को अगले 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निपटाना होगा।
भू-समाधान दिवस कब और कहाँ आयोजित होगा?
भू-समाधान दिवस हर शनिवार को अंचल कार्यालय में आयोजित होगा, जहाँ राजस्व कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी ताकि जमीन संबंधी मुद्दों का समाधान किया जा सके।