Bihar में जमीन की नापी हुई महंगी, शहर और गांव के लिए अलग-अलग फीस, अब ऑनलाइन करना होगा आवेदन
Bihar: बिहार में अपनी जमीन की नापी कराने वाले लोगों की जेब अब और ढीली होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन की मापी (Bhumi Mapi) की फीस में बड़ी बढ़ोतरी की है। अब ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई ह
Bihar: बिहार में अपनी जमीन की नापी कराने वाले लोगों की जेब अब और ढीली होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन की मापी (Bhumi Mapi) की फीस में बड़ी बढ़ोतरी की है। अब ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं, जो जून 2026 से लागू हो गई हैं। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अब आवेदन और भुगतान का रास्ता पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।
नए नियमों के मुताबिक, अब कोई भी व्यक्ति ऑफलाइन आवेदन नहीं कर सकेगा। जमीन की नापी के लिए अब Bihar Bhumi पोर्टल (emapi.bihar.gov.in) के जरिए ही आवेदन करना होगा। सरकार का मकसद भ्रष्टाचार को रोकना और काम में होने वाली देरी को कम करना है। इस बदलाव के बाद अब नापी की सर्विस पहले के मुकाबले लगभग दोगुनी महंगी हो गई है।
फीस के नए ढांचे को नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:
| मापी का प्रकार | ग्रामीण क्षेत्र (फीस) | शहरी क्षेत्र (फीस) |
|---|---|---|
| सामान्य मापी (प्रति प्लॉट) | ₹1000 (अधिकतम ₹4000) | ₹2000 (अधिकतम ₹8000) |
| तत्काल मापी (प्रति प्लॉट) | ₹2000 (अधिकतम ₹8000) | ₹4000 (अधिकतम ₹16000) |
समय सीमा की बात करें तो बिना विवाद वाली जमीन की नापी आवेदन के 7 कार्य दिवसों के भीतर पूरी करनी होगी। वहीं, विवादित जमीन की नापी के लिए 11 कार्य दिवसों का समय तय किया गया है। नापी की रिपोर्ट आवेदन के 14 दिनों के भीतर ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी। अंचल कार्यालय से आवेदन मिलने के बाद Amin को दो दिनों के भीतर नापी का काम पूरा करना होगा।
हालांकि, सरकार ने कुछ लोगों को इस फीस से राहत दी है। SC, ST और OBC बस्ती, भूदान पर्चा और वासगीत पर्चा वाली जमीनों की नापी के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। राजस्व विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जयसवाल और अतिरिक्त कलेक्टर रवि राकेश ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संशोधित दरों के आधार पर लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा करें।