Bihar में कुख्यात जमीन माफिया संतोष डॉन गिरफ्तार, STF और SOG ने पटना से दबोचा
Bihar: बिहार पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ (STF) और एसओजी (SOG) की टीम ने पटना और नालंदा जिलों के कुख्यात भूमि माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन को शनिवार, 19 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। उसे पटना जिले से
Bihar: बिहार पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ (STF) और एसओजी (SOG) की टीम ने पटना और नालंदा जिलों के कुख्यात भूमि माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन को शनिवार, 19 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। उसे पटना जिले से पकड़ने के बाद खुसरूपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
संतोष डॉन पर पटना, नालंदा और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) में 30 से 31 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या का प्रयास, रंगदारी, भू-माफिया गतिविधियां और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। अकेले खुसरूपुर थाने में ही उसके खिलाफ 14 केस दर्ज हैं। वह पटना जिले के टॉप 10 अपराधियों की लिस्ट में भी शामिल था।
जांच में संतोष डॉन के काम करने का तरीका काफी खौफनाक सामने आया है। वह जमीन कब्जाने के लिए जमीन मालिकों को डराता था और कई बार तो उनकी ‘सड़क दुर्घटना’ करवा देता था ताकि आसानी से जमीन पर कब्जा किया जा सके। वह फर्जी कागजात तैयार कर और ताकत के दम पर लोगों की जमीनों पर कब्जा करता था और व्यापारियों से रंगदारी वसूलता था।
पुलिस और ईओयू की कार्रवाई की जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| गिरफ्तारी की तारीख | 19 जुलाई 2026 |
| कुल आपराधिक मामले | 30 से 31 मामले |
| कुल अवैध संपत्ति | करीब 11.50 से 13 करोड़ रुपये |
| जब्त नकदी (जुलाई रेड) | 5.60 लाख रुपये |
| जब्त वाहन | Fortuner, Scorpio और Mahindra Jeep |
| मुख्य आरोप | हत्या का प्रयास, रंगदारी, भूमि कब्जा |
संतोष डॉन ने अपनी अवैध कमाई से करीब 13 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई है। यह संपत्ति उसके साथ उसकी मां, पत्नी (जो प्रखंड प्रमुख हैं), सास, भाई और करीबियों के नाम पर दर्ज है। इससे पहले जून और जुलाई 2026 में ईओयू ने उसके 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें करोड़ों की संपत्ति और नकदी जब्त की गई थी।
हैरानी की बात यह है कि दिसंबर 2025 में जब पटना पुलिस ने छापेमारी की थी, तब वह साड़ी पहनकर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। अब ईओयू ने उसके और 26 अन्य लोगों के खिलाफ संगठित आर्थिक अपराध का मामला दर्ज किया है। इस पूरे मामले को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।