Bihar के 24 जिलों में उद्योगों के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू, किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा

Bihar: राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। अब तक 10 जिलों में 4200 एकड़ से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण शुरू हो चुका है और 14 अन्य जिलों में भी यह काम तेजी से चल रहा है

Bihar: राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। अब तक 10 जिलों में 4200 एकड़ से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण शुरू हो चुका है और 14 अन्य जिलों में भी यह काम तेजी से चल रहा है। सरकार का लक्ष्य राज्य के कुल 24 जिलों में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करना है ताकि निवेश बढ़े और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

जमीन अधिग्रहण के इस अभियान में अलग-अलग जिलों का रकबा तय किया गया है। सीतामढ़ी में 504.52 एकड़, सुपौल में 498 एकड़, शिवहर में 253.78 एकड़, कटिहार में 252.30 एकड़ और भोजपुर में 249.48 एकड़ जमीन ली जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इन जिलों के लिए अधियाचना भेज दी है और सामाजिक प्रभाव का अध्ययन भी पूरा कर लिया गया है।

औद्योगिक विस्तार के लिए सरकार ने कई नई योजनाएं लागू की हैं। मुजफ्फरपुर के पारू में 700 एकड़ और दरभंगा के बहादुरपुर में 350 एकड़ में दो नए प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय उद्योग मंत्रालय को भेजा गया है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है तो बिहार को 1050 करोड़ रुपये मिलेंगे और करीब 12,000 लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सकता है। इसके अलावा, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने SIPP पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके तहत नई चीनी मिलों को 70 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी और टोकन राशि पर जमीन लीज पर मिलेगी।

जमीन अधिग्रहण को लेकर नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026 के तहत किसानों को अब जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा और उन्हें रजिस्ट्री व स्टांप शुल्क से छूट मिलेगी। अब एक ही मौजा के भीतर आने वाली सभी जमीनों के लिए समान मुआवजा मिलेगा, जिससे विवाद कम होंगे। वहीं, विधानसभा में पारित नए विधेयक के बाद अब किसानों के लिए अपनी कृषि भूमि पर उद्योग शुरू करना आसान होगा क्योंकि गैर-कृषि उपयोग के लिए जमीन बदलने की पुरानी जरूरत खत्म हो गई है।

इन फैसलों के बीच कुछ विरोध भी देखने को मिला है। बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने इस नीति को किसानों के खिलाफ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे जमीनें बड़े कॉरपोरेट घरानों के पास जा सकती हैं। वहीं, छपरा में कुछ किसानों ने खेती और आबादी वाली जमीन के अधिग्रहण के खिलाफ धरना प्रदर्शन भी किया है।

प्रशासनिक स्तर पर बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की नई लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी जा चुकी है। साथ ही, नवादा के रजौली में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) की स्थापना के लिए 43.98 एकड़ सरकारी जमीन गृह विभाग को सौंपी गई है। भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने अब जनसुनवाई में जिला भू-अर्जन पदाधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य कर दी है।