Bihar के लखीसराय में NEET फर्जीवाड़ा उजागर, दूसरों की जगह एग्जाम दे रहे 9 ‘मुन्नाभाई’ गिरफ्तार

Lakhisarai: बिहार के लखीसराय में NEET-UG की दोबारा परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। पुलिस ने परीक्षा केंद्रों पर दूसरों की जगह एग्जाम दे रहे 9 ‘मुन्नाभाई’ यानी प्रॉक्सी कैंडिडेट को गिरफ्तार क

Lakhisarai: बिहार के लखीसराय में NEET-UG की दोबारा परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। पुलिस ने परीक्षा केंद्रों पर दूसरों की जगह एग्जाम दे रहे 9 ‘मुन्नाभाई’ यानी प्रॉक्सी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब लखीसराय SP को एक गुप्त मैसेज मिला, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।

लखीसराय SP Prerna Kumar ने बताया कि उन्हें हसनपुर हाई स्कूल में संजीत कुमार नाम के छात्र की जगह किसी और के बैठने की खबर मिली थी। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन अलग-अलग केंद्रों से गिरफ्तारियां कीं। इनमें केंद्रीय विद्यालय से 7, हसनपुर हाई स्कूल से 1 और K.R.K. हाई स्कूल से 1 व्यक्ति को पकड़ा गया। इस मामले में अब तक कुल 24 से 30 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें बायोमेट्रिक एजेंसी के कर्मचारी और बिचौलिए भी शामिल हैं।

जांच में पता चला है कि इस गिरोह में देश के बड़े मेडिकल कॉलेजों के छात्र शामिल थे। पकड़े गए ‘सॉल्वर’ AIIMS Raebareli, BHU, PMCH पटना और दिल्ली के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज जैसे संस्थानों से जुड़े हैं। पुलिस ने रवि शंकर उर्फ सम्राट और मयंक कश्यप जैसे मुख्य आरोपियों की पहचान की है। मयंक कश्यप PMCH का छात्र है, जो बायोमेट्रिक कंपनी का कर्मचारी बनकर सेंटर में घुसा था।

इस फर्जीवाड़े के लिए उम्मीदवारों से 10-12 लाख से लेकर 30-40 लाख रुपये तक की डील की जा रही थी। आरोपी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम में गड़बड़ी करके फर्जी उम्मीदवारों को अंदर भेजते थे। NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने भी लखीसराय में मोबाइल फोन ले जाने और फर्जी उम्मीदवारों की कोशिशों की बात स्वीकार की है। पुलिस अब जब्त किए गए फोन और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है ताकि इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के बाकी सदस्यों को पकड़ा जा सके।