Bihar के लखीसराय में NEET सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, मेडिकल छात्रों समेत 24 लोग गिरफ्तार

Lakhisarai: बिहार के लखीसराय जिले में नीट यूजी पुन:परीक्षा के दौरान एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नामी मेडिकल कॉलेजों के छात्र और बायोमेट्रिक कंप

Lakhisarai: बिहार के लखीसराय जिले में नीट यूजी पुन:परीक्षा के दौरान एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नामी मेडिकल कॉलेजों के छात्र और बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी शामिल हैं। यह पूरा गिरोह परीक्षा में फर्जी तरीके से दूसरे उम्मीदवारों को बैठाकर पास कराने का काम कर रहा था।

घटना की शुरुआत 21 जून 2026 को हुई जब परीक्षा के दौरान प्रतिरूपण के संदेह में 9 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद 22 जून को पुलिस ने कार्रवाई बढ़ाते हुए कुल 24 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों में पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) के तीसरे वर्ष के एमबीबीएस छात्र मयंक कश्यप और गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के छात्र अर्पित राज शामिल हैं। जांच में पता चला कि अर्पित राज इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आयोजक था।

इस गैंग का जाल काफी बड़ा था और इसमें दिल्ली, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), एम्स और रायबरेली जैसे बड़े संस्थानों के मेडिकल छात्र या इंटर्न शामिल थे। हैरानी की बात यह है कि परीक्षा प्रक्रिया को संभालने वाली बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। यह गैंग परीक्षा केंद्रों जैसे केआरके उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और हसनपुर उच्च विद्यालय में अपनी सेंध लगा चुका था।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गैंग प्रतिरूपण की सुविधा देने के बदले हर उम्मीदवार से 10 लाख रुपये का सौदा कर रहा था। पकड़े गए सॉल्वर अलग-अलग राज्यों और जिलों से ताल्लुक रखते थे। लखीसराय की एसपी प्रेरणा कुमार ने बताया कि केंद्र अधीक्षकों से लिखित शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। फिलहाल जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार खुद इस पूरी जांच की निगरानी कर रहे हैं। दूसरी ओर, NTA ने पेपर लीक के दावों को खारिज करते हुए लोगों को गलत सूचना से बचने की सलाह दी है।