Bihar के लखीसराय में NEET री-एग्जाम के दौरान फर्जी उम्मीदवार रैकेट का भंडाफोड़, 30 गिरफ्तार

लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले में 21 जून 2026 को आयोजित NEET री-एग्जामिनेशन के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़ा रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस रैकेट में डमी उम्मीदवारो

लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले में 21 जून 2026 को आयोजित NEET री-एग्जामिनेशन के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़ा रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस रैकेट में डमी उम्मीदवारों के साथ-साथ बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत की बात सामने आई है।

लखीसराय पुलिस ने परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए मजिस्ट्रेटों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी, जिसके बाद यह मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान KRK हाई स्कूल, केंद्रीय विद्यालय और हसनपुर हाई स्कूल जैसे केंद्रों पर छापेमारी की गई। एडीजी (कानून और व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने गिरफ्तारियों की पुष्टि की है और बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार खुद इस पूरी जांच की निगरानी कर रहे हैं।

जांच में पता चला है कि इस रैकेट का मुख्य सरगना गया के एएनएम मेडिकल कॉलेज का छात्र अर्पित राज है। अर्पित राज से 2024 के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने भी पूछताछ की थी। यह रैकेट प्रति उम्मीदवार 10 से 12 लाख रुपये और कुछ मामलों में 30 से 40 लाख रुपये तक लेने का दावा करता था, जिसमें 1 से 2 लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे।

गिरफ्तार व्यक्ति की श्रेणी संख्या/विवरण
फर्जी उम्मीदवार 9 (MBBS, BSc नर्सिंग और BAMS छात्र शामिल)
बायोमेट्रिक कर्मी 18 (सुपरवाइजर और टेंडर प्राप्तकर्ता सहित)
मध्यस्थ/सहयोगी 2 से 7 लोग
वास्तविक उम्मीदवार 1 (नालंदा जिले का संजीत कुमार)

पुलिस अब गिरफ्तार बायोमेट्रिक कर्मियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। आरोप है कि इन लोगों ने जाली दस्तावेजों और नकली आधार कार्ड के जरिए सत्यापन प्रक्रिया में गड़बड़ी की। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। किऊल और कवैया पुलिस स्टेशनों में इस संबंध में केस दर्ज किया गया है।