Bihar: कुढ़नी में भारत की जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण का काम शुरू हो गया है। इस अभियान के पहले चरण में लोगों ने खुद अपनी जानकारी भरने (स्व-गणना) में काफी दिलचस्पी दिखाई है। नोडल अधिकारियों के मुताबिक, बिहार राज्य में
Bihar: कुढ़नी में भारत की जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण का काम शुरू हो गया है। इस अभियान के पहले चरण में लोगों ने खुद अपनी जानकारी भरने (स्व-गणना) में काफी दिलचस्पी दिखाई है। नोडल अधिकारियों के मुताबिक, बिहार राज्य में अब तक 46 लाख से अधिक लोग इस डिजिटल प्रक्रिया का हिस्सा बन चुके हैं।
स्व-गणना और मकान सूचीकरण की क्या है समय सीमा
स्व-गणना का काम 17 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 1 मई 2026 तक चला। इस दौरान करीब 48.50 लाख लोगों ने कोशिश की, जिनमें से 46,82,284 लोगों ने अपनी जानकारी सफलतापूर्वक दर्ज की। अब 2 मई 2026 से मकान सूचीकरण और आवास गणना का काम शुरू हो चुका है, जो 31 मई 2026 तक चलेगा। इसके बाद मुख्य जनसंख्या गणना 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच होगी।
प्रगणक घर आकर क्या जानकारी जुटाएंगे
जो लोग पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी नहीं भर पाए हैं, उनके पास प्रगणक घर आएंगे। प्रगणक कुल 33 से 34 बिंदुओं पर डेटा लेंगे। इसमें मकान किस चीज से बना है, घर में कितने सदस्य हैं, मुखिया का नाम, जाति, बिजली, पानी, शौचालय, इंटरनेट और वाहनों जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि यह सारी जानकारी गोपनीय रहेगी और केवल सरकारी आंकड़ों के लिए इस्तेमाल होगी।
सावधान रहें, साइबर फ्रॉड से बचें
जनगणना विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी न दें। जनगणना कर्मी आपसे बैंक डिटेल, ओटीपी, आधार, पैन कार्ड या किसी भी तरह के पैसों की मांग नहीं करेंगे। अगर कोई ऐसा करता है, तो आप टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर शिकायत कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से संचालित है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्व-गणना करने वालों को प्रगणक को क्या दिखाना होगा
जिन परिवारों ने आधिकारिक पोर्टल पर स्व-गणना पूरी कर ली है, उन्हें एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी (SE ID) मिली है। सत्यापन के समय प्रगणक को यह आईडी दिखानी होगी।
जनसंख्या की मुख्य गणना कब होगी
जनसंख्या की वास्तविक गणना का दूसरा और मुख्य चरण अगले साल 9 फरवरी 2027 से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक चलेगा।