Bihar में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, भागलपुर और सहरसा के दियारा इलाकों में बाढ़ का खतरा

Bihar/Bhagalpur: कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से भागलपुर और सहरसा के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। पिछले एक हफ्ते से नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है, जिससे दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का

Bihar/Bhagalpur: कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से भागलपुर और सहरसा के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। पिछले एक हफ्ते से नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है, जिससे दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। कई पंचायतों में स्थिति गंभीर हो गई है और ग्रामीण अब प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

सहरसा के महिषी प्रखंड में स्थिति काफी तनावपूर्ण है। यहाँ के झाड़ा, वीरगांव और बघवा पंचायत में बाढ़ का पानी फैल गया है। इसके अलावा सलखुआ, सिमरी बख्तियारपुर के कठडूमर, बेलवाड़ा और घोघसम पंचायत के गांवों में भी दहशत का माहौल है। लोग अपने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि कई संपर्क मार्ग पहले ही जलमग्न हो चुके हैं।

भागलपुर जिले में भी गंगा और कोसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 17 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, मदरौनी क्षेत्र में कोसी नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटों में 15 सेंटीमीटर बढ़कर 28.55 मीटर पर पहुंच गया है। इस्माईलपुर-बिंद टोली इलाके में तटबंध की सुरक्षा का काम अधूरा होने के कारण खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।

जल संसाधन विभाग ने स्थिति पर नजर रखने के लिए इंजीनियरों को तैनात किया है। चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर संजय कुमार ने कोसी बैराज का निरीक्षण किया और फाटकों के संचालन की समीक्षा की। अधिकारियों ने व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी जताई और काम दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

कोसी बैराज से पानी छोड़े जाने का विवरण इस प्रकार है:

तारीख विवरण पानी की मात्रा/कार्रवाई
13 जुलाई 2026 बराहक्षेत्र में प्रवाह बढ़ने पर 15 फाटक खोले गए
14 जुलाई 2026 कुल जल निकासी 1,88,210 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
15 जुलाई 2026 बराहक्षेत्र में जलस्तर 1,26,200 क्यूसेक होने पर 20 फाटक खोले गए

अंचल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे न जाएं और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करने को कहा गया है। विभाग ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।