Bihar: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय ग्वालगछ में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्कूल की बिल्डिंग के ठीक ऊपर से 11 KVA की हाई वोल्टेज बिजली लाइन गुजर रही है, जिससे यहां पढ़ने वाले
Bihar: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय ग्वालगछ में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्कूल की बिल्डिंग के ठीक ऊपर से 11 KVA की हाई वोल्टेज बिजली लाइन गुजर रही है, जिससे यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की जान को हमेशा खतरा बना रहता है। इस स्थिति की वजह से ग्रामीण और अभिभावक काफी डरे हुए हैं।
स्कूल में बिजली लाइन से क्या खतरा है
ग्रामीणों का कहना है कि हाई वोल्टेज लाइन स्कूल के ऊपर होने के कारण बच्चे हर दिन डर के साये में पढ़ाई कर रहे हैं। बिजली विभाग के नियमों के मुताबिक, ऐसी लाइनों के लिए एक निश्चित ऊंचाई और दूरी का पालन करना जरूरी होता है। इंडियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स 1956 के अनुसार, इमारतों से बिजली की लाइनों की एक सुरक्षित दूरी होनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
ग्रामीणों ने विधायक से क्या मांग की है
स्थानीय लोगों ने इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के विधायक से गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि इस हाई वोल्टेज लाइन को जल्द से जल्द स्कूल परिसर से हटाया जाए। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इससे पहले बिहार के गया में भी बिजली की लापरवाही की वजह से एक मजदूर की मौत की खबर आई थी, जिससे लोग और ज्यादा चिंतित हैं।
कोर्ट और सरकारी नियमों में क्या प्रावधान हैं
सितंबर 2021 में हाई कोर्ट ने राज्य सरकारों और बिजली कंपनियों को निर्देश दिया था कि स्कूलों के ऊपर से गुजरने वाली सभी बिजली लाइनों को हटाया जाए। नियमों के अनुसार, 33,000 वोल्ट तक की लाइनों के लिए इमारतों से कम से कम 3.7 मीटर की क्षैतिज दूरी होनी चाहिए। इस मामले में भी नियमों का पालन न होना बच्चों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किशनगंज के किस स्कूल में बिजली लाइन की समस्या है
ठाकुरगंज के उत्क्रमित मध्य विद्यालय ग्वालगछ में 11 KVA की हाई वोल्टेज लाइन स्कूल के ऊपर से गुजर रही है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा है।
बिजली लाइनों के लिए सुरक्षा नियम क्या कहते हैं
इंडियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स 1956 के तहत हाई वोल्टेज लाइनों के लिए जमीन से न्यूनतम 6.1 मीटर की ऊंचाई और इमारतों से कम से कम 3.7 मीटर की दूरी अनिवार्य है।