Bihar: किशनगंज जिले के पोठिया इलाके में अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का एक बड़ा प्रशिक्षण केंद्र बनेगा। बिहार कैबिनेट ने इसके लिए बुढ़नई मौजा की 110.12 एकड़ सरकारी जमीन को मुफ्त में देने की मंजूरी दे दी है। इस
Bihar: किशनगंज जिले के पोठिया इलाके में अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का एक बड़ा प्रशिक्षण केंद्र बनेगा। बिहार कैबिनेट ने इसके लिए बुढ़नई मौजा की 110.12 एकड़ सरकारी जमीन को मुफ्त में देने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से इलाके में सुरक्षा के साथ-साथ विकास के नए रास्ते खुलेंगे और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
CISF ट्रेनिंग सेंटर की मुख्य बातें क्या हैं?
यह सेंटर महानंदा नदी के किनारे बनेगा, जो पोठिया प्रखंड मुख्यालय से करीब 11 किलोमीटर और किशनगंज-ठाकुरगंज मुख्य सड़क से 1.5 किलोमीटर दूर है। यहाँ एक बार में लगभग 1,000 CISF जवानों को ट्रेनिंग दी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का शुक्रिया जताया है। उन्होंने अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण का काम जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है।
प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका
इस प्रोजेक्ट के लिए 28 अप्रैल 2026 को जिला अधिकारी विशाल राज, एसपी संतोष कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जमीन का दौरा किया था। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कुछ पुराने नियमों में ढील देकर इस जमीन के हस्तांतरण को मंजूरी दी है। पोठिया अंचल अधिकारी मोहित राज अब सड़क चौड़ीकरण और विस्थापित होने वाले 20-22 परिवारों के लिए वैकल्पिक जमीन की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
इलाके पर क्या असर पड़ेगा?
किशनगंज की लोकेशन अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास है, इसलिए यहाँ ट्रेनिंग सेंटर होना सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी है। इस प्रोजेक्ट से पोठिया क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और यह इलाका राष्ट्रीय सुरक्षा के नक्शे पर अपनी पहचान बनाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे और व्यापार में भी सुधार होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
CISF ट्रेनिंग सेंटर के लिए कितनी जमीन ली गई है और कहाँ बनेगा?
किशनगंज जिले के पोठिया अंचल के बुढ़नई मौजा में 110.12 एकड़ सरकारी जमीन को इस सेंटर के लिए मंजूर किया गया है।
इस ट्रेनिंग सेंटर से कितने जवानों को फायदा होगा?
इस नए प्रशिक्षण केंद्र में लगभग 1,000 CISF कर्मियों को ट्रेनिंग देने की क्षमता होगी।