Bihar : बिहार के किशोरों में बढ़ते अपराध की खबर काफी चिंताजनक है। NCRB की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार किशोर अपराधों के मामले में पूरे देश में सबसे ऊपर पहुंच गया है। साल 2024 में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों की स
Bihar : बिहार के किशोरों में बढ़ते अपराध की खबर काफी चिंताजनक है। NCRB की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार किशोर अपराधों के मामले में पूरे देश में सबसे ऊपर पहुंच गया है। साल 2024 में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों की संख्या 1,818 से बढ़कर 5,037 हो गई, जो कि 177 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोत्तरी है।
बिहार में किशोर अपराधों के मुख्य आंकड़े क्या हैं?
पुलिस मुख्यालय और NCRB के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 सालों में बाल अपराधियों की संख्या ढाई से तीन गुना तक बढ़ गई है। 2020 से जून 2025 के बीच 77,384 मामलों में 90,935 बच्चे शामिल थे, जिनमें 82,694 लड़के और 4,241 लड़कियां थीं। बिहार विशेष रूप से हत्या के प्रयास और शादी के लिए अपहरण जैसे मामलों में देश में सबसे आगे है। 2024 में देश के कुल 2,004 हत्या के प्रयास के मामलों में से 673 अकेले बिहार में हुए।
बच्चे अपराध की दुनिया में क्यों जा रहे हैं?
विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इसके कई कारण बताए हैं। शराबबंदी और बेरोजगारी की वजह से पलायन बढ़ा है, जिसका असर बच्चों पर पड़ा है। एडीजी जैन के मुताबिक, पेशेवर अपराधी अब नाबालिगों का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि उन पर शक कम होता है। वहीं, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी एस.के. तिवारी ने बताया कि स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल से बच्चे समय से पहले वयस्क बन रहे हैं और साइबर अपराध की ओर बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, शराबबंदी के बाद ‘सूखे नशे’ का जाल भी बढ़ा है, जिसमें नाबालिग शराब की सप्लाई का काम कर रहे हैं।
सरकार और पुलिस ने क्या नए नियम बनाए हैं?
बिहार पुलिस ने नवंबर 2024 में नए निर्देश जारी किए हैं। अब 7 साल से कम सजा वाले अपराधों में 18 साल से कम उम्र के बच्चों पर FIR दर्ज नहीं होगी, बल्कि इसकी जानकारी स्टेशन डायरी में लिखी जाएगी। केवल जघन्य अपराधों (7 साल से अधिक सजा) में ही FIR दर्ज होगी। साथ ही, नीतीश सरकार ने अक्टूबर 2025 में सामुदायिक सेवा का नियम लागू किया है। इसके तहत 6 महीने से 3 साल तक की सजा वाले छोटे अपराधों में दोषियों को समाज सेवा कराई जाएगी ताकि उनकी पढ़ाई और नौकरी पर असर न पड़े।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में किशोर अपराधों में कितनी वृद्धि हुई है?
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में किशोर अपराधों की संख्या 1,818 से बढ़कर 5,037 हो गई, जो कि 177 प्रतिशत की वृद्धि है।
नाबालिगों के लिए पुलिस के नए नियम क्या हैं?
7 साल से कम सजा वाले अपराधों में नाबालिगों पर FIR दर्ज नहीं होगी। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने के बजाय किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के सामने पेश किया जाएगा।