Bihar और Jharkhand: बिहार और झारखंड के बीच आवाजाही को आसान बनाने के लिए सुखनिया नदी पर फोरलेन पुल का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह पुल दोनों राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन साबित होगा। हालिया अपडेट के अनुसार, पुल क
Bihar और Jharkhand: बिहार और झारखंड के बीच आवाजाही को आसान बनाने के लिए सुखनिया नदी पर फोरलेन पुल का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह पुल दोनों राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन साबित होगा। हालिया अपडेट के अनुसार, पुल के खंभों के लिए पाइलिंग का काम शुरू हो गया है और निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है।
पुल का निर्माण कैसे होगा और क्या है इसकी खासियत
परियोजना इंजीनियर Deepak Jha ने बताया कि पुल का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में एक टू-लेन पुल तैयार किया जाएगा, जिसे पूरा होते ही यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद पुराने जर्जर पुल को तोड़कर बाकी का काम पूरा किया जाएगा। यह नया पुल 370 मीटर लंबा और 20 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें कुल छह पिलर लगाए जाएंगे।
कितनी आएगी लागत और कौन कर रहा है काम
इस फोरलेन पुल के निर्माण पर लगभग 28.13 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण का जिम्मा रांची की Rajveer Construction Company को दिया गया है, जबकि National Highway (NH) विभाग इस पूरी परियोजना की देखरेख कर रहा है। इसके अलावा, बांका जिले के चंडीडीह गांव के पास भी 14 करोड़ रुपये की लागत से एक अलग आरसीसी पुल की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है।
आम लोगों को इससे क्या फायदा होगा
बौसी क्षेत्र में स्थित 65 साल पुराना पुल काफी जर्जर हो चुका था, जिससे यात्रा जोखिम भरी रहती थी। नए आधुनिक पुल के बन जाने से बिहार और झारखंड के बीच सफर सुरक्षित और आसान हो जाएगा। इससे स्थानीय व्यापार, परिवहन और विकास को काफी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों ने इस काम के शुरू होने पर खुशी जताई है क्योंकि यह उनकी लंबे समय से लंबित मांग थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुखनिया नदी पुल का काम कब तक पूरा होगा
इस परियोजना को दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पाइलिंग का काम शुरू हो चुका है।
नए पुल की लंबाई और चौड़ाई कितनी होगी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फोरलेन पुल की कुल लंबाई 370 मीटर और चौड़ाई 20 मीटर होगी।