Bihar और Jharkhand : केंद्र सरकार ने पीएम गति शक्ति योजना के तहत बिहार और झारखंड के लिए पांच बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद ट्रेनों की देरी को कम करना और माल ढुलाई को तेज बनाना है। इससे पटना,
Bihar और Jharkhand : केंद्र सरकार ने पीएम गति शक्ति योजना के तहत बिहार और झारखंड के लिए पांच बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद ट्रेनों की देरी को कम करना और माल ढुलाई को तेज बनाना है। इससे पटना, रांची और कोडरमा जैसे शहरों के बीच यात्रा सुगम होगी और तीर्थयात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। इन सभी कामों को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कौन सी रेल परियोजनाएं और रूट होंगे अपडेट
सरकार ने कई व्यस्त रूटों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने और पुराने ट्रैक के दोहरीकरण पर मुहर लगाई है। इससे ट्रेनों की क्षमता 30-40% तक बढ़ जाएगी। मुख्य प्रोजेक्ट्स की जानकारी नीचे दी गई है:
| परियोजना का नाम |
खासियत और लाभ |
अनुमानित लागत |
| पुनारख-किउल तीसरी और चौथी लाइन |
पटना, फतुहा और मोकामा जैसे केंद्रों को फायदा होगा |
2,668 करोड़ रुपये |
| भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट दोहरीकरण |
देवघर और तारापीठ जैसे तीर्थस्थलों तक पहुंच आसान होगी |
3,169 करोड़ रुपये |
| औरंगाबाद से पलामू तीसरी लाइन |
बिजली संयंत्रों तक कोयले की सप्लाई बेहतर होगी |
1,338 करोड़ रुपये |
| गम्हरिया-चांडिल तीसरी और चौथी लाइन |
झारखंड के औद्योगिक गलियारों और खनिजों की आवाजाही तेज होगी |
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| कोडरमा-हजारीबाग-बरकाकाना विस्तार |
रांची से जसीडीह की दूरी 310 किमी से घटकर 255 किमी रह जाएगी |
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| बासुकीनाथ-चितरा रेल लाइन |
केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह वित्त पोषित प्रोजेक्ट |
1,000 करोड़ रुपये |
आम लोगों और क्षेत्र को क्या होगा फायदा
इन रेल परियोजनाओं से न सिर्फ यात्रा का समय बचेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। निर्माण कार्य के दौरान हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। साथ ही, करीब 5,407 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
माल ढुलाई के मामले में कोयला, इस्पात, सीमेंट और खाद्यान्न जैसे सामानों का परिवहन आसान होगा। पर्यावरण के लिहाज से भी यह फायदेमंद है, क्योंकि इससे करीब 6 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो 1 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर माना जा रहा है।