Bihar और Jharkhand: केंद्र सरकार ने बिहार के गया जिले से झारखंड के चतरा तक नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह रेल लाइन करीब 75.1 किलोमीटर लंबी होगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवाजाही आसान हो
Bihar और Jharkhand: केंद्र सरकार ने बिहार के गया जिले से झारखंड के चतरा तक नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह रेल लाइन करीब 75.1 किलोमीटर लंबी होगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवाजाही आसान हो जाएगी। रेल मंत्रालय ने इसे ‘विशेष रेल परियोजना’ का दर्जा दिया है, जिससे जमीन अधिग्रहण और निर्माण के काम में तेजी आएगी।
परियोजना की मुख्य बातें क्या हैं?
यह रेल लाइन गया के परैया रेलवे स्टेशन से शुरू होकर झारखंड के चतरा तक जाएगी। ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए काष्ठा की तरफ 4.95 किलोमीटर लंबा ‘वाई कनेक्शन’ भी बनाया जाएगा। रेल मंत्रालय ने 9 अप्रैल, 2026 को भारत के राजपत्र में इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पूर्व मध्य रेल (East Central Railway) इस पूरे प्रोजेक्ट को लागू करने में जुटी है।
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस नई रेल लाइन से गया, परैया, काष्ठा और चतरा के आसपास रहने वाले लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। व्यापार और रोजगार के नए मौके खुलेंगे और कोयला, पत्थर व खेती के सामान को ढोना सस्ता पड़ेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही, परैया रेलवे स्टेशन को अब एक जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे इस इलाके का महत्व बढ़ जाएगा।
आगे का काम कब शुरू होगा?
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया है कि अब इस प्रोजेक्ट के लिए सर्वे का काम जल्द शुरू किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जिसके बाद ट्रैक बिछाने का काम शुरू होगा।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल लंबाई |
75.1 किलोमीटर |
| शुरुआती स्टेशन |
परैया (गया, बिहार) |
| अंतिम स्टेशन |
चतरा (झारखंड) |
| अतिरिक्त कनेक्शन |
4.95 किमी वाई कनेक्शन (काष्ठा की ओर) |
| परियोजना का दर्जा |
विशेष रेल परियोजना |
Frequently Asked Questions (FAQs)
परैया से चतरा रेल लाइन की कुल लंबाई कितनी है?
इस नई ब्रॉडगेज रेल लाइन की कुल लंबाई 75.1 किलोमीटर है, जिसमें काष्ठा की ओर 4.95 किलोमीटर का वाई कनेक्शन भी शामिल है।
इस प्रोजेक्ट से किन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा?
इससे बिहार के गया और परैया तथा झारखंड के चतरा और काष्ठा समेत आसपास के इलाकों में यातायात, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।