Bihar: जहानाबाद जिले में स्थित बराबर और नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाएं आज भी आधुनिक विज्ञान के लिए एक पहेली बनी हुई हैं। लगभग 2300 साल पुरानी इन गुफाओं की दीवारों पर ऐसी चमक है जो बिल्कुल शीशे की तरह दिखती है। यहां का ध्
Bihar: जहानाबाद जिले में स्थित बराबर और नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाएं आज भी आधुनिक विज्ञान के लिए एक पहेली बनी हुई हैं। लगभग 2300 साल पुरानी इन गुफाओं की दीवारों पर ऐसी चमक है जो बिल्कुल शीशे की तरह दिखती है। यहां का ध्वनि विज्ञान इतना सटीक है कि एक बार बोलने पर आवाज काफी देर तक गूंजती रहती है।
इन गुफाओं का निर्माण किसने और क्यों करवाया
इन गुफाओं का निर्माण मुख्य रूप से सम्राट अशोक ने करवाया था और बाद में उनके पोते दशरथ मौर्य ने कुछ गुफाओं का काम पूरा किया। ये गुफाएं आजीविक संप्रदाय के भिक्षुओं के लिए बनाई गई थीं ताकि वे यहां रहकर ध्यान लगा सकें। माना जाता है कि गुफाओं में होने वाली प्रतिध्वनि ध्यान की गहराई को बढ़ाने में मदद करती थी।
क्या है मिरर फिनिश और ध्वनि विज्ञान का रहस्य
गुफाओं की अंदरूनी दीवारें ग्रेनाइट पत्थर को काटकर बनाई गई हैं। इन पर ‘मौर्य पॉलिश’ की गई है जो 2300 साल बाद भी वैसी ही चमक रही है। विशेषज्ञों के लिए यह समझना मुश्किल है कि बिना किसी आधुनिक मशीन के इतनी चिकनी और चमकदार सतह कैसे तैयार की गई। इसके अलावा, यहां की बनावट ऐसी है कि आवाज कई मिनटों तक गूंजती रहती है, जो उस समय के उन्नत इंजीनियरिंग ज्ञान को दिखाती है।
कौन सी गुफाएं हैं यहां सबसे खास
बराबर पहाड़ी में चार मुख्य गुफाएं हैं जिनमें लोमश ऋषि, सुदामा, कर्ण चौपर और विश्व झोपड़ी शामिल हैं। लोमश ऋषि गुफा का प्रवेश द्वार बहुत सुंदर है और इसे देखकर लगता है जैसे इसे लकड़ी की नक्काशी से बनाया गया हो। वहीं नागार्जुनी पहाड़ी में तीन गुफाएं मौजूद हैं। वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इन स्थलों की देखभाल कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बराबर की गुफाएं बिहार में कहां स्थित हैं?
ये गुफाएं बिहार के जहानाबाद जिले में बराबर और नागार्जुनी पहाड़ियों पर स्थित हैं।
इन गुफाओं की सबसे खास बात क्या है?
इनकी दीवारों पर मौजूद शीशे जैसी ‘मिरर फिनिश’ पॉलिश और विशेष ध्वनि विज्ञान (एकास्टिक) सबसे खास है।