Bihar के पर्यटन स्थलों पर बिकेंगे जीविका दीदियों के उत्पाद, गांवों में बनेंगे आधुनिक हाट-बाजार

Bihar: राज्य के ग्रामीण इलाकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। अब बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों और स्थानीय किसानों द्वा

Bihar: राज्य के ग्रामीण इलाकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। अब बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों और स्थानीय किसानों द्वारा बनाए गए सामानों की बिक्री होगी। इसके लिए गांवों में अत्याधुनिक हाट-बाजार बनाए जाएंगे ताकि ग्रामीण उत्पादों को एक बड़ा मंच मिल सके।

ग्रामीण विकास मंत्री Shravan Kumar ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पर्यटन स्थलों पर आधुनिक बाजारों की स्थापना की जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। सरकार चाहती है कि गांवों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और कमाई के नए मौके पैदा हों।

इस योजना के तहत अगले पांच सालों में हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक आधुनिक हाट-बाजार बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में खाली पड़ी सरकारी इमारतों की पहचान की जाएगी और उन्हें बाजारों में बदला जाएगा। साथ ही, इन बाजारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा ताकि लोग ऑनलाइन तरीके से भी सामान खरीद सकें। जीविका दीदियों के कौशल को निखारने के लिए उन्हें विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

रोजगार के अन्य अवसरों पर बात करते हुए विभाग ने ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को प्लंबिंग की ट्रेनिंग देने की योजना भी बनाई है। वहीं, आगामी Shravani Mela (30 जुलाई से 28 अगस्त) के दौरान टेंट सिटी में ‘जीविका दीदी की रसोई’ शुरू की जाएगी, जहां किफायती दाम पर भोजन उपलब्ध होगा। इस मेले के लिए इस्तेमाल होने वाले स्विस स्टाइल कॉटेज का निर्माण Bhagalpur में किया जाएगा। इस पूरी परियोजना में NABARD और बिहार पर्यटन विभाग का भी सहयोग रहेगा।