Bihar: मुख्यमंत्री Samrat Choudhary सोनपुर में ‘जन सहयोग शिविर’ का उद्घाटन करेंगे। यह पहल राज्य के सभी पंचायतों में जनता की शिकायतों को जल्दी दूर करने के लिए शुरू की जा रही है। इस योजना का मकसद सरकारी सेवाओं
Bihar: मुख्यमंत्री Samrat Choudhary सोनपुर में ‘जन सहयोग शिविर’ का उद्घाटन करेंगे। यह पहल राज्य के सभी पंचायतों में जनता की शिकायतों को जल्दी दूर करने के लिए शुरू की जा रही है। इस योजना का मकसद सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों के दरवाजे तक पहुंचाना है ताकि आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जन सहयोग शिविर कब और कैसे लगेगा
यह कैंप हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत 19 मई से होगी। लोग अपनी शिकायतें ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से जमा कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया कैंप शुरू होने से 30 दिन पहले से ही शुरू की जा सकती है।
किन समस्याओं का होगा समाधान और क्या हैं नियम
यह शिविर एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा। यहाँ राशन कार्ड, पेंशन, आवास योजना, MGNREGA, जमीन का दाखिल-खारिज, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसी समस्याओं को देखा जाएगा। इसके अलावा बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज होंगी। इन सभी मामलों की ट्रैकिंग ‘Shivir Samadhan’ पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) के जरिए की जाएगी।
लापरवाह अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी शिकायत का समाधान रजिस्ट्रेशन के 30 दिनों के भीतर होना चाहिए। अगर कोई अधिकारी अपनी ड्यूटी में लापरवाही करता है और 30 दिन में काम पूरा नहीं होता है, तो 31वें दिन उसे सीधे सस्पेंड कर दिया जाएगा। पारदर्शिता के लिए ब्लॉक ऑफिस, सर्कल ऑफिस और पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही अधिकारियों को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक जनता से मिलने के लिए ऑफिस में मौजूद रहना होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जन सहयोग शिविर में कौन-कौन सी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं
यहाँ राशन कार्ड, पेंशन, आवास योजना, MGNREGA, जमीन विवाद (दाखिल-खारिज), जाति-आय प्रमाणपत्र और बिजली-पानी-सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज होंगी।
शिकायत दर्ज करने और समाधान की समय सीमा क्या है
शिकायतें ऑनलाइन या ऑफलाइन दर्ज की जा सकती हैं। नियम के अनुसार, शिकायत दर्ज होने के 30 दिनों के भीतर उसका समाधान करना अनिवार्य है, वरना संबंधित अधिकारी सस्पेंड हो सकते हैं।