Bihar के Jamui में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, इमामबाड़े में मां का दरबार और दुर्गा पंडाल में ‘या अली’ की पुकार
Bihar/Jamui: बिहार के जमुई जिले का सिमुलतुल क्षेत्र इन दिनों सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनोखी मिसाल पेश कर रहा है। यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में पूरे उत्साह के साथ शामिल
Bihar/Jamui: बिहार के जमुई जिले का सिमुलतुल क्षेत्र इन दिनों सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनोखी मिसाल पेश कर रहा है। यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में पूरे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। यह परंपरा पिछले कई दशकों से चली आ रही है और इलाके की सामाजिक एकता को मजबूत कर रही है।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, सिमुलतुल इलाके में लोग धर्म की दीवारों को तोड़कर साथ रहते हैं। यहां की खास बात यह है कि इमामबाड़े में मां का दरबार सजता है और वहीं दुर्गा पूजा के पंडाल में ‘या अली’ की पुकार सुनाई देती है। दोनों समुदायों के बीच यह तालमेल इतना गहरा है कि वे एक-दूसरे के धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
इलाके में मोहर्रम का त्यौहार दुर्गा मंदिर में मनाया जाता है और वहीं सरस्वती पूजा का आयोजन इमामबाड़े के पास होता है। स्थानीय लोग इस परंपरा को अपनी संस्कृति का हिस्सा मानते हैं और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचा रहे हैं। यह मामला जमुई के सिमुलतुल क्षेत्र की एक विशेष पहचान बन चुका है।