Bihar के जमुई जिले के मलयपुर गांव के रहने वाले कृष्णकांत मिश्रा और उनके बेटे सुकृति माधव मिश्रा की कहानी मेहनत और सब्र की मिसाल है। एक समय ऐसा था जब पिता की नौकरी चली गई थी और घर चलाना मुश्किल हो गया था, लेकिन उन्होंने ह
Bihar के जमुई जिले के मलयपुर गांव के रहने वाले कृष्णकांत मिश्रा और उनके बेटे सुकृति माधव मिश्रा की कहानी मेहनत और सब्र की मिसाल है। एक समय ऐसा था जब पिता की नौकरी चली गई थी और घर चलाना मुश्किल हो गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आज उनका बेटा सुकृति माधव मिश्रा एक IPS अधिकारी के रूप में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में SP के पद पर तैनात हैं।
पिता ने 24 साल तक कैसे किया संघर्ष
कृष्णकांत मिश्रा 1994 में स्कूल की मान्यता रद्द होने की वजह से अपनी शिक्षक की नौकरी खो बैठे थे। परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने ट्यूशन पढ़ाया, LIC की पॉलिसी बेची और खेती-बाड़ी की। उन्होंने 24 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसके बाद 2008 में स्कूल को दोबारा मान्यता मिली और उनकी नौकरी भी वापस आ गई। इस कठिन समय में भी उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
IPS सुकृति माधव मिश्रा का करियर और उपलब्धियां
सुकृति माधव मिश्रा ने अपनी मेहनत से सफलता हासिल की। उन्होंने Tourism Management में B.T.M (Hons) और MBA (Marketing) की पढ़ाई की है। सिविल सर्विस में आने से पहले वह Coal India में मैनेजर थे। उन्होंने 2014 में IRS और फिर 2015-16 में IPS की परीक्षा पास की। उन्हें 15 अगस्त 2021 को DG Commendation Disc (Silver) से भी सम्मानित किया गया था।
पीलीभीत पुलिस को मिला यूपी में पहला स्थान
SP सुकृति माधव मिश्रा की कमान में पीलीभीत पुलिस ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अप्रैल महीने में जन शिकायतों के निपटारे (IGRS) के मामले में पीलीभीत पुलिस पूरे उत्तर प्रदेश में पहले नंबर पर रही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनता की शिकायतों का समाधान निष्पक्ष और समय पर होना चाहिए। इस सफलता के लिए उन्होंने पुलिस कर्मियों को नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र भी दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुकृति माधव मिश्रा वर्तमान में कहां तैनात हैं?
IPS सुकृति माधव मिश्रा वर्तमान में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में Superintendent of Police (SP) के पद पर तैनात हैं।
कृष्णकांत मिश्रा ने अपने बेटे की पढ़ाई के लिए क्या संघर्ष किया?
नौकरी छूटने के बाद कृष्णकांत मिश्रा ने 24 साल तक ट्यूशन पढ़ाकर, LIC पॉलिसी बेचकर और खेती करके अपने परिवार का गुजारा किया और बच्चों को पढ़ाया।