Bihar में जल जीवन हरियाली अभियान की बड़ी कामयाबी, 95% योजनाएं पूरी, मंत्री संतोष कुमार सुमन ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड

Bihar: राज्य में किसानों की आमदनी बढ़ाने और पानी की किल्लत दूर करने के लिए शुरू किया गया ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ अब रंग ला रहा है। लघु जल संसाधन विभाग ने इस अभियान के तहत स्वीकृत योजनाओं में से 95 फीसदी काम

Bihar: राज्य में किसानों की आमदनी बढ़ाने और पानी की किल्लत दूर करने के लिए शुरू किया गया ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ अब रंग ला रहा है। लघु जल संसाधन विभाग ने इस अभियान के तहत स्वीकृत योजनाओं में से 95 फीसदी काम पूरा कर लिया है। मंत्री संतोष कुमार सुमन ने हाल ही में इस अभियान का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बताया कि इससे खेती और सिंचाई की व्यवस्था में बड़ा सुधार आया है।

यह अभियान साल 2019 में शुरू हुआ था। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 तक कुल 2537 योजनाओं को मंजूरी दी थी, जिनमें से 2371 योजनाएं जमीन पर पूरी हो चुकी हैं। इस अभियान के अच्छे नतीजों को देखते हुए इसे अब 2025 से 2030 तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इसका मुख्य मकसद बारिश के पानी को बचाना, पुराने तालाबों और आहर-पईन की मरम्मत करना और राज्य में हरियाली बढ़ाना है।

मंत्री संतोष कुमार सुमन ने बताया कि इन योजनाओं की वजह से लगभग 2.52 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की क्षमता बढ़ी है और 1094 लाख घन मीटर पानी संचय करने की सुविधा बहाल हुई है। ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ प्रोग्राम के तहत भी 2256 योजनाओं में से 1837 पूरी हो गई हैं, जिससे 2,27,763 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई आसान हुई है।

विवरण जानकारी/आंकड़े
कुल स्वीकृत योजनाएं (2025-26 तक) 2537
पूरी हुई योजनाएं 2371 (95%)
कुल सिंचाई क्षमता का पुनर्स्थापन 2.52 लाख हेक्टेयर
जल संचयन क्षमता 1094 लाख घन मीटर
हर खेत तक सिंचाई योजना (पूर्ण) 1837 योजनाएं
निजी नलकूप योजना से लाभान्वित किसान 35,000

सरकार ने पर्यावरण को बचाने के लिए कड़े नियम भी बनाए हैं। अब 100 वर्ग मीटर से बड़े निजी मकानों में वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) सिस्टम लगाना जरूरी कर दिया गया है। ऐसा करने वाले घर मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में 5% की छूट दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य राज्य के हरित आवरण को 15% से बढ़ाकर 17% करना है।

भविष्य की तैयारी करते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 206.39 करोड़ रुपये की लागत वाली 154 नई योजनाओं के प्रस्ताव NABARD की मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजे गए हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के जरिए 35,000 किसानों के खाते में अनुदान की राशि भेजी गई है, जिससे 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो रही है। भागलपुर, औरंगाबाद, गयाजी और नालंदा जिलों में भी चेक डैम और आहर-पईन का काम तेजी से चल रहा है जिससे करीब 3730 हेक्टेयर और सिंचाई क्षमता बढ़ेगी।