Bihar में जल जीवन हरियाली अभियान की बड़ी कामयाबी, 95% योजनाएं पूरी; अब 2030 तक हर खेत तक पहुंचेगा पानी

Bihar: राज्य में किसानों की आमदनी बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाया गया ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ रंग ला रहा है। लघु जल संसाधन विभाग ने इस अभियान के तहत स्वीकृत योजनाओं में से 95 फीसदी काम

Bihar: राज्य में किसानों की आमदनी बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाया गया ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ रंग ला रहा है। लघु जल संसाधन विभाग ने इस अभियान के तहत स्वीकृत योजनाओं में से 95 फीसदी काम पूरा कर लिया है। लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने 18 जून, 2026 को पटना के सूचना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका पूरा रिपोर्ट कार्ड पेश किया।

मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बताया कि इस पहल से जमीन के अंदर पानी का स्तर बढ़ा है, जिससे खेती और पर्यावरण दोनों को फायदा हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2019 में इस अभियान की शुरुआत की थी। अब इसके अच्छे नतीजों को देखते हुए सरकार ने इसे साल 2025 से 2030 तक के लिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक राज्य के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाए।

विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 तक कुल 2537 योजनाएं मंजूर हुई थीं, जिनमें से 2371 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इन कामों से करीब 2,51,962 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की क्षमता वापस आई है और 1094 लाख घन मीटर पानी जमा करने की क्षमता बहाल हुई है।

विवरण आंकड़े/जानकारी
कुल स्वीकृत योजनाएं (2025-26) 2537
पूरी हुई योजनाएं 2371 (95%)
पुनर्स्थापित सिंचाई क्षमता 2,51,962 हेक्टेयर
जल संचयन क्षमता 1094 लाख घन मीटर
हर खेत तक सिंचाई योजना (पूर्ण) 1837 योजनाएं
निजी नलकूप अनुदान लाभार्थी 35,000 किसान
नया लक्ष्य (हरित पट्टी) 15% से बढ़ाकर 17% करना

अगले साल यानी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 206.39 करोड़ रुपये की लागत से 154 नई योजनाएं लाने का प्रस्ताव NABARD और वित्त विभाग को भेजा गया है। इससे करीब 16,585 हेक्टेयर और जमीन की सिंचाई हो सकेगी। साथ ही, मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के जरिए 35,000 किसानों के खाते में DBT से पैसे भेजे गए हैं, जिससे 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो रही है।

मुख्यमंत्री की ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान भागलपुर, औरंगाबाद, गयाजी और नालंदा जिलों में चार चेक डैम और दो आहर-पईन बनाने की घोषणा हुई थी, जिनका काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा, अब शहरों में 100 वर्गमीटर से बड़े निजी मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी कर दिया गया है ताकि बारिश का पानी बचाया जा सके।