Bihar: राज्य के करीब दो दर्जन जिलों की जेलों में जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों ने अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई 16 अप्रैल की देर रात से 17 अप्रैल की सुबह तक चली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने कान
Bihar: राज्य के करीब दो दर्जन जिलों की जेलों में जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों ने अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई 16 अप्रैल की देर रात से 17 अप्रैल की सुबह तक चली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाने के लिए यह कदम उठाया है, ताकि जेल के अंदर से चलने वाले आपराधिक नेटवर्क को खत्म किया जा सके।
किन जेलों में हुई कार्रवाई और कौन से अधिकारी रहे शामिल
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मुजफ्फरपुर, नालंदा, औरंगाबाद, भागलपुर और सीतामढ़ी समेत कई जिलों में यह अभियान चलाया गया। इस दौरान डीएम और एसपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर मौजूद थे।
| जिला |
प्रमुख अधिकारी |
जेल का नाम |
| मुजफ्फरपुर |
डीएम सुब्रत कुमार सेन, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा |
शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा |
| नालंदा |
डीएम कुंदन कुमार, एसपी भारत सोनी |
बिहारशरीफ मंडल कारा |
| औरंगाबाद |
डीएम अभिलाषा शर्मा, एसपी अंबरीष राहुल |
मंडल कारा |
| भागलपुर |
डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी, एसएसपी प्रमोद कुमार यादव |
शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा |
| सीतामढ़ी |
डीएम रिची पांडेय, एसपी अमित रंजन |
मंडल कारा |
| मोतिहारी |
डीएम सौरभ जोरवाल, एसपी स्वर्ण प्रभात |
सेंट्रल जेल |
छापेमारी में क्या मिला और क्या रहा असर
जेलों की सघन तलाशी के दौरान मोबाइल फोन या सिम कार्ड जैसी कोई बड़ी चीज नहीं मिली, लेकिन कुछ कुख्यात कैदियों के पास से नुकीले ब्लेड और काफी मात्रा में कैश बरामद हुआ है। सीतामढ़ी जेल से कुछ संदिग्ध कागजात भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इस अचानक हुई कार्रवाई से कैदियों और जेल स्टाफ में काफी हड़कंप मच गया।
आगे के लिए क्या दिए गए निर्देश
मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह एक नियमित सुरक्षा समीक्षा का हिस्सा था और आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण होते रहेंगे। अधिकारियों ने जेलरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जेल मैन्युअल का पालन करें और सीसीटीवी निगरानी को और बेहतर बनाएं। सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को कड़ी फटकार भी लगाई गई है।