Bihar: बिहार की जेलों में बंद कैदियों के लिए सरकार एक नई योजना ला रही है। अब जेल की खाली जमीन पर पेट्रोल पंप खोले जाएंगे, जिन्हें चलाने की जिम्मेदारी खुद कैदियों को दी जाएगी। इस पहल का मकसद कैदियों को सुधारना और उन्हें स
Bihar: बिहार की जेलों में बंद कैदियों के लिए सरकार एक नई योजना ला रही है। अब जेल की खाली जमीन पर पेट्रोल पंप खोले जाएंगे, जिन्हें चलाने की जिम्मेदारी खुद कैदियों को दी जाएगी। इस पहल का मकसद कैदियों को सुधारना और उन्हें समाज में वापस लौटने के लिए हुनरमंद बनाना है।
किन्हें मिलेगा पेट्रोल पंप चलाने का मौका?
इस योजना में उन कैदियों को शामिल किया जाएगा जो लंबी सजा काट रहे हैं और जेल के सुधार कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, गंभीर और जघन्य अपराधों के आरोपी कैदियों या खूंखार अपराधियों को इस काम की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। पेट्रोल पंप चलाने वाले कैदियों को जेल नियमावली के हिसाब से मजदूरी का भुगतान भी किया जाएगा।
सरकारी मंजूरी की क्या है प्रक्रिया?
गृह (कारा) विभाग ने इस योजना का पूरा मसौदा तैयार कर वित्त विभाग को भेज दिया है। वित्त विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद इसे विधि विभाग के पास कानूनी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल इसे अंतिम मंजूरी देगा। सरकार ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ MoU साइन करने का भी फैसला किया है।
जेलों की स्थिति और बक्सर का प्लान
बिहार की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी हैं। फिलहाल 47,750 की क्षमता वाली जेलों में 61,891 कैदी बंद हैं। इसी बीच बक्सर केंद्रीय कारागार परिसर में भी एक ईंधन स्टेशन बनाने की तैयारी है, जिसे संभवतः खुली जेल के कैदी संचालित करेंगे। इस पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए एक अलग तंत्र बनाया जाएगा ताकि कामकाज सही ढंग से हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सभी कैदी पेट्रोल पंप चला पाएंगे?
नहीं, केवल लंबी सजा काटने वाले और सुधार प्रक्रिया में शामिल कैदियों को ही यह मौका मिलेगा। गंभीर और जघन्य अपराधों के दोषियों को इस योजना से बाहर रखा गया है।
पेट्रोल पंप चलाने वाले कैदियों को क्या लाभ मिलेगा?
इन कैदियों को जेल नियमावली के अनुसार मजदूरी का भुगतान किया जाएगा और उन्हें उद्यमिता का अनुभव मिलेगा, जिससे समाज में वापसी आसान होगी।