Bihar की जेलों में अब पहली बार अपराध करने वाले रहेंगे अलग, खतरनाक अपराधियों से दूर रखे जाएंगे नए बंदी

Bihar: बिहार के जेलों में बंद कैदियों के लिए सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। अब पहली बार अपराध करने वाले और युवा बंदियों को कुख्यात अपराधियों के साथ नहीं रखा जाएगा। कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग ने राज्य की सभी जेलों के अधी

Bihar: बिहार के जेलों में बंद कैदियों के लिए सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। अब पहली बार अपराध करने वाले और युवा बंदियों को कुख्यात अपराधियों के साथ नहीं रखा जाएगा। कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग ने राज्य की सभी जेलों के अधीक्षकों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि जेल के भीतर सुरक्षा बढ़े और नए अपराधी गलत संगत में न पड़ें।

यह फैसला पटना के बेऊर केंद्रीय कारा में सामने आई व्यवस्थागत कमियों के बाद लिया गया है। विभाग ने 1 जुलाई और 2 जुलाई 2026 को ये गाइडलाइंस जारी कीं। सरकार का मकसद जेलों को सिर्फ सजा काटने की जगह नहीं, बल्कि सुधार केंद्र बनाना है। इसके तहत गंभीर अपराध करने वाले कुख्यात अपराधियों को सामान्य बंदियों से पूरी तरह अलग रखा जाएगा ताकि अनुशासन बना रहे।

जेलों के भीतर सुविधाओं और अनुशासन को लेकर कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अब किसी भी जेल में निजी मेस चलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अगर कोई जेल अधीक्षक निजी मेस संचालित होने देता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही, बंदियों के खान-पान और सेहत का खास ख्याल रखा जाएगा। बुजुर्गों, बीमारों और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से डाइट चार्ट और विशेष आहार की व्यवस्था होगी।

क्षेत्र नया नियम/सुविधा
कैदियों का वर्गीकरण पहली बार अपराध करने वाले और युवा बंदी अलग वार्ड में रहेंगे
शिक्षा सभी युवा बंदियों का शैक्षणिक कोर्स में नामांकन अनिवार्य होगा
स्वास्थ्य हर महीने हेल्थ कैंप लगेंगे और जेल रेडियो से जानकारी दी जाएगी
कैंपस जेल को ‘ग्रीन कैंपस’ बनाया जाएगा, औषधीय पौधे और खेती होगी
सफाई वार्ड, रसोई और शौचालय की नियमित सफाई सुनिश्चित होगी
प्रशासन अधीक्षक बिना सूचना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे, लापरवाही पर कार्रवाई होगी

सुधार कार्यक्रमों के तहत युवा बंदियों को पढ़ाई से जोड़ा जाएगा ताकि वे समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकें। इसके अलावा जेल परिसरों को हरा-भरा बनाने के लिए फूल और मसालों की खेती कराई जाएगी। बिजली बचाने के लिए लोड ऑडिट होगा और अनावश्यक उपकरणों को हटाया जाएगा। जेल प्रशासन अब नियमित रूप से ‘बंदी दरबार’ लगाएगा ताकि कैदियों की समस्याओं को सुना जा सके।