Bihar: बिहार सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले बालू और पत्थर के ट्रकों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब 10 जून 2026 से राज्य में प्रवेश करने वाले इन वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) लेना अनिवार्य होगा। यह
Bihar: बिहार सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले बालू और पत्थर के ट्रकों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब 10 जून 2026 से राज्य में प्रवेश करने वाले इन वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) लेना अनिवार्य होगा। यह कदम अवैध खनन को रोकने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
ISTP पास के लिए कितना देना होगा शुल्क और क्या है नियम
नए नियमों के मुताबिक, दूसरे राज्यों से आने वाले कमर्शियल वाहनों को अब ऑनलाइन पास लेना होगा। इसके लिए शुल्क इस प्रकार तय किया गया है:
- अगर चालान में वजन लिखा है, तो 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन शुल्क लगेगा।
- अगर वॉल्यूम (आयतन) लिखा है, तो 85 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर देना होगा।
- यह पास ऑनलाइन पोर्टल के जरिए लेना होगा और चालान जारी होने के 6 घंटे के भीतर इसे प्राप्त करना जरूरी है।
नियमों का उल्लंघन करने पर क्या होगी कार्रवाई
सीमावर्ती जिलों में एंट्री पॉइंट्स पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि डिजिटल निगरानी रखी जा सके। अगर कोई गाड़ी बिना वैध ISTP पास के बिहार में घुसती है, तो उसे एंट्री नहीं मिलेगी और वाहन को जब्त कर जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, अन्य सख्त जुर्माने भी तय किए गए हैं:
- बिना ढके माल ढोने पर ट्रैक्टर के लिए 5,000 रुपये और बड़े वाहनों के लिए 25,000 रुपये जुर्माना होगा।
- GPS डिवाइस के साथ छेड़छाड़ करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।
- ओवरलोडिंग के पहले उल्लंघन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इन राज्यों से आने वाले वाहनों पर पड़ेगा असर
बिहार में पटना मेट्रो और एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की वजह से निर्माण सामग्री की मांग बढ़ी है। इस वजह से झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से भारी मात्रा में बालू और पत्थर मंगाया जाता है। खान एवं भूविज्ञान विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इस डिजिटल सिस्टम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और टैक्स चोरी रुकेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ISTP पास कब से अनिवार्य हो रहा है और इसे कैसे प्राप्त करें
यह पास 10 जून 2026 से अनिवार्य हो गया है। इसे NIC-Bihar द्वारा बनाए गए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए प्राप्त किया जा सकता है, बशर्ते कि यह चालान जारी होने के 6 घंटे के भीतर लिया गया हो।
बालू और पत्थर के वाहनों के लिए शुल्क कितना तय किया गया है
वजन के आधार पर 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन और वॉल्यूम के आधार पर 85 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर का शुल्क निर्धारित किया गया है।