Bihar के 5 शहरों में खुलेंगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की फूड टेस्टिंग लैब, मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा

Bihar: राज्य में खाने-पीने की चीजों की शुद्धता जांचने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, गया और पूर्णिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर की फूड टेस्टिंग लैब बनाई जाएंगी। इस पहल का मकसद मिलाव

Bihar: राज्य में खाने-पीने की चीजों की शुद्धता जांचने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, गया और पूर्णिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर की फूड टेस्टिंग लैब बनाई जाएंगी। इस पहल का मकसद मिलावटखोरी को रोकना और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। इसके लिए बिहार स्वास्थ्य विभाग ‘तुर्किए मॉडल’ को अपना रहा है।

स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने सभी सिविल सर्जनों को इन लैब के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया है। मुजफ्फरपुर में सदर अस्पताल परिसर की 5500 वर्ग फीट जमीन पर यह लैब बनेगी, जिसकी मापी जल्द शुरू होगी। प्रमंडलीय मुख्यालयों में बनने वाली बेसिक फूड लैब के लिए कम से कम 6500 वर्ग फीट सरकारी जमीन की जरूरत होगी, जहां बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं मौजूद हों। अगर सरकारी जमीन नहीं मिली, तो सरकार लीज पर जमीन लेने का विकल्प भी खुला रखेगी।

इन लैब के खुलने से दूध, मिठाई, तेल और मसालों जैसे खाद्य पदार्थों की जांच स्थानीय स्तर पर ही हो सकेगी। अब तक नमूनों को जांच के लिए पटना या अन्य बड़े जिलों में भेजना पड़ता था, जिससे रिपोर्ट आने में काफी समय लगता था। अब क्षेत्रीय स्तर पर जांच होने से रिपोर्ट जल्दी मिलेगी और मिलावट करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। इससे स्थानीय व्यापारियों को भी अपने उत्पादों की क्वालिटी चेक कराने में आसानी होगी और उनका समय बचेगा।

इन प्रयोगशालाओं में आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी और उन्हें चलाने के लिए विशेषज्ञों की टीम तैनात की जाएगी। योजना के मुताबिक, बाजार, होटल और रेस्तरां से नियमित तौर पर सैंपल लिए जाएंगे ताकि निगरानी बनी रहे।

शहर/स्थान खास जानकारी
मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल परिसर में 5500 वर्ग फीट में निर्माण
दरभंगा, भागलपुर, गया, पूर्णिया अंतरराष्ट्रीय स्तर की फूड टेस्टिंग लैब की स्थापना
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