Bihar अब मजदूर भेजने वाला नहीं सामान बेचने वाला राज्य बनेगा, सरकार लाएगी नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी

Bihar: बिहार सरकार राज्य की तस्वीर बदलने की तैयारी में है। अब बिहार सिर्फ दूसरे राज्यों में मजदूर भेजने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर में अपना सामान बेचने वाला हब बनेगा। इसके लिए सरकार औद्योगिक विकास और निवेश पर

Bihar: बिहार सरकार राज्य की तस्वीर बदलने की तैयारी में है। अब बिहार सिर्फ दूसरे राज्यों में मजदूर भेजने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर में अपना सामान बेचने वाला हब बनेगा। इसके लिए सरकार औद्योगिक विकास और निवेश पर जोर दे रही है ताकि स्थानीय लोगों को अपने ही घर में रोजगार मिल सके और बिहार की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने एक बड़ा रोडमैप पेश किया है, जिसके तहत नवंबर 20, 2027 तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश का लक्ष्य रखा गया है। निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 30 दिनों के भीतर ऑटोमैटिक अप्रूवल सिस्टम लाया जाएगा, जिससे उद्यमियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री ने राज्य में 11 मेगा इंडस्ट्रियल पार्क बनाने का निर्देश दिया है।

उद्योग मंत्री Shreyasi Singh के मुताबिक, सरकार अब अलग-अलग सेक्टर की पॉलिसियों की जगह ‘एक राज्य, एक औद्योगिक नीति’ पर काम कर रही है। निवेश प्रस्तावों के लिए AI आधारित सिंगल क्लियरेंस पोर्टल बनाया जा रहा है, जिससे मंजूरी मिलने का समय 30 से 60 दिन तय होगा। सरकार ने पिछले तीन सालों में लैंड बैंक को दोगुना किया है और अब हर जिले में 500 एकड़ से ज्यादा जमीन औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ली जाएगी।

राज्य की नई नीतियों और सुविधाओं का विवरण नीचे दिया गया है:

पॉलिसी/पहल मुख्य लाभ और लक्ष्य
Bihar Export Promotion Policy 2024 निर्मित सामान के निर्यात पर 1% सब्सिडी और प्रदर्शन आधारित अतिरिक्त सब्सिडी।
Brand Bihar राज्य की छवि सुधारना और इसे निवेश व इनोवेशन के लिए ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर लाना।
IT Policy 2024 IT सेक्टर में निजी निवेश और स्टार्टअप्स के लिए सब्सिडी और ब्याज में छूट।
Logistics Policy 2023 औद्योगिक विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा तैयार करना।
Startup Policy 2022 अब तक 1,800 से ज्यादा स्टार्टअप्स को मिल चुका है सरकारी सहयोग।
Industrial Investment Package 2025 मुफ्त जमीन और वित्तीय प्रोत्साहन के साथ निवेश को बढ़ावा देना।

मुख्य सचिव Pratyaya Amrit के नेतृत्व में ‘Brand Bihar’ अभियान शुरू किया गया है, ताकि दुनिया को बिहार की बदलती तस्वीर और यहां के अवसरों के बारे में बताया जा सके। हालांकि, पटना में हुए GTRI 6.0 कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने यह सलाह दी कि केवल युवा आबादी होना काफी नहीं है, बल्कि तेजी से औद्योगिक सुधार और मजबूत संस्थाओं की जरूरत है ताकि युवाओं को टिकाऊ रोजगार मिल सके।