Bihar में होम स्टे खोलकर कमाएं लाखों, सरकार देगी प्रति कमरा 2.5 लाख रुपये की मदद, 16 जिलों के लोग उठा सकेंगे लाभ
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026’ शुरू की है। इस योजना के जरिए अब राजगीर, नालंदा और बोधगया जैसे पर्य
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026’ शुरू की है। इस योजना के जरिए अब राजगीर, नालंदा और बोधगया जैसे पर्यटन स्थलों के पास रहने वाले लोग अपने घर में होमस्टे खोलकर अच्छी कमाई कर सकेंगे। सरकार इसके लिए मकान मालिकों को भारी आर्थिक सहायता दे रही है ताकि आम लोग भी पर्यटन कारोबार का हिस्सा बन सकें।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके तहत होमस्टे यूनिट को किसी भी तय पर्यटन स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में होना जरूरी है। एक होमस्टे में अधिकतम 8 कमरे हो सकते हैं। आवेदन करने वाले व्यक्ति को बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए, उसकी उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए और उसके पास विवाद मुक्त जमीन या मकान होना चाहिए। ध्यान रहे कि सरकारी कर्मचारी या कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले लोग इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।
वित्तीय सहायता की बात करें तो सरकार प्रति कमरे 2.5 लाख रुपये की मदद देगी। सामान्य श्रेणी के ऑपरेटर के लिए यह सहायता अधिकतम 10 लाख रुपये (4 कमरों तक) तक सीमित होगी। महिलाओं, 18 से 25 साल के युवाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए 25,000 रुपये प्रति कमरे का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे उनकी कुल सहायता राशि 11 लाख रुपये तक पहुँच सकती है। यह पैसा तीन किस्तों में प्रोजेक्ट की प्रगति के आधार पर दिया जाएगा। आवेदन के लिए 2000 रुपये की नॉन-रिफंडेबल फीस देनी होगी।
बिहार पर्यटन विभाग ने पहले चरण में 16 जिलों के 34 प्रमुख पर्यटन स्थलों को चुना है। इसकी पूरी लिस्ट नीचे दी गई है:
| जिला | प्रमुख पर्यटन स्थल |
|---|---|
| गया | महाबोधि मंदिर, विष्णुपद मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर, प्रेत शिला, गुरुपा हिल |
| नालंदा | नालंदा महाविहार, पावापुरी जल मंदिर, राजगीर रोपवे, राजगीर जू सफारी, नेचर सफारी, राजगीर कुंड, गर्म जल के स्रोत |
| कैमूर | मुंडेश्वरी मंदिर परिसर |
| वैशाली | विश्व शांति स्तूप |
| पूर्वी चंपारण | केसरिया स्तूप, सीता कुंड |
| पश्चिमी चंपारण | वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, भितिहरवा/गांधी आश्रम |
| रोहतास | शेर शाह सूरी का मकबरा, मंझर कुंड, धुअन कुंड |
| औरंगाबाद | देव सूर्य मंदिर |
| जहानाबाद | बराबर गुफाएं |
| नवादा | ककोलत जलप्रपात |
| जमुई | लछुआ जैन मंदिर |
| बांका | मंदार हिल |
| मुजफ्फरपुर | गरीबनाथ धाम |
| मुंगेर | भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य |
| भागलपुर | विक्रमशिला विश्वविद्यालय के अवशेष |
सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में 25 करोड़ रुपये के बजट से 1,000 होमस्टे कमरे विकसित करना है। योजना का लाभ लेने वालों को 5 साल तक होमस्टे चलाना अनिवार्य होगा, वरना सरकार दी गई राशि वापस ले सकती है। पर्यटन विभाग ऑपरेटरों को स्वच्छता, सुरक्षा और अतिथि सेवा की ट्रेनिंग देगा और ऑनलाइन बुकिंग व 24×7 हेल्पलाइन की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा।