Bihar: राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने आठ जिलों में नए और आधुनिक पुलिस थाना भवनों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इन थानों को हाईटेक
Bihar: राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने आठ जिलों में नए और आधुनिक पुलिस थाना भवनों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इन थानों को हाईटेक बनाया जाएगा ताकि आम लोगों को पुलिस सेवाओं का लाभ तेजी से मिल सके और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो।
इन जिलों और थानों में होगा निर्माण और कितना है बजट
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए इस जानकारी को साझा किया। इन नए थानों में रिसेप्शन एरिया, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग लॉक-अप, कंप्यूटर रूम और पुलिसकर्मियों के रहने के लिए बेहतर आवास जैसी सुविधाएं मिलेंगी। बजट का विवरण नीचे दिया गया है:
| जिला |
थाना |
अनुमानित बजट |
| Patna |
NTPC Barh |
₹8.75 करोड़ |
| Purnia |
Madhubani |
₹5.23 करोड़ |
| Araria |
Palasi |
₹8.74 करोड़ |
| Araria |
Sikti |
₹8.72 करोड़ |
| Munger |
Basudevpur |
₹8.77 करोड़ |
| Gopalganj |
Mirganj |
₹8.72 करोड़ |
| Bhagalpur |
Goradih |
₹8.85 करोड़ |
| Bhagalpur |
Kahalgaon |
₹8.65 करोड़ |
अपराधियों पर नकेल और ग्रामीण सुरक्षा पर जोर
CM Samrat Choudhary, जो गृह मंत्री भी हैं, ने साफ किया है कि बिहार में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने 11 मई 2026 को कहा था कि पुलिस को अपराधियों से निपटने के लिए 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई है। सरकार का मानना है कि जब कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, तभी राज्य में उद्योगों का विकास होगा और निवेश बढ़ेगा।
इसके साथ ही 13 मई 2026 को ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए Madhubani समेत पांच संवेदनशील जिलों में SP (Rural) के नए पद बनाने की मंजूरी भी दी गई है। इससे गांवों में पुलिस की पकड़ और मजबूत होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार के किन जिलों में हाईटेक थाने बनेंगे?
बिहार के पटना, पूर्णिया, अररिया, मुंगेर, गोपालगंज और भागलपुर जिलों में नए हाईटेक थानों के निर्माण को मंजूरी मिली है।
नए पुलिस थानों में क्या खास सुविधाएं होंगी?
इन थानों में आधुनिक रिसेप्शन एरिया, महिला और पुरुष के लिए अलग लॉक-अप, कंप्यूटर रूम और पुलिस कर्मियों के लिए बेहतर आवास की सुविधा होगी।