Bihar में 20 जुलाई से भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने कई जिलों के लिए जारी की चेतावनी
Bihar: राज्य में मानसून की सुस्ती के बाद अब जोरदार बारिश की तैयारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने 20 जुलाई से कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 18 से 20 जुलाई के बीच राज्य के
Bihar: राज्य में मानसून की सुस्ती के बाद अब जोरदार बारिश की तैयारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने 20 जुलाई से कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 18 से 20 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज-चमक की विशेष चेतावनी जारी की गई है।
बिहार में इस साल मानसून की शुरुआत अच्छी नहीं रही और अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक करीब 46% बारिश कम हुई है। 15 जुलाई तक की रिपोर्ट बताती है कि सामान्य तौर पर 335 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 193.4 मिलीमीटर ही हुई है। इस कमी का असर खेती पर भी पड़ा है, खासकर जून में 48% कम बारिश की वजह से धान की बुवाई में दिक्कत आई है।
मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है ताकि लोग पहले से सावधान रहें। बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, सारण, गोपालगंज, सीवान और पश्चिम चंपारण जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ भारी बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं पटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय और पूर्वी चंपारण में येलो अलर्ट दिया गया है, जहाँ गरज-चमक के साथ बौछारें गिर सकती हैं।
| अलर्ट का प्रकार | प्रभावित प्रमुख जिले |
|---|---|
| ऑरेंज अलर्ट (भारी बारिश/आंधी) | बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, सारण, गोपालगंज, सीवान, पश्चिम चंपारण |
| येलो अलर्ट (गरज-चमक/बौछारें) | पटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण |
| अत्यधिक भारी बारिश की संभावना | गया, जमुई और नवादा |
मौसम विभाग के अनुसार यह बारिश 22 जुलाई तक जारी रह सकती है। बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों। लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव और कुछ इलाकों में स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे यातायात और दृश्यता प्रभावित होने की संभावना है।