Bihar में अब सिर्फ 2 रुपये में होगा इलाज, मोदी सरकार ने शहरी गरीबों को दिया मेगा गिफ्ट
Bihar: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों, खासकर स्लम बस्तियों के गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा तोहफा दिया है। अब राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग ओपीडी में मात्र 2
Bihar: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों, खासकर स्लम बस्तियों के गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा तोहफा दिया है। अब राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग ओपीडी में मात्र 2 रुपये के पंजीकरण शुल्क पर अपनी बीमारी का इलाज करा सकेंगे। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत की गई है, जिसकी घोषणा 12 अगस्त 2026 को की गई।
इस योजना के तहत मरीज को सिर्फ 2 रुपये का रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसके बाद सभी चिकित्सीय सेवाएं और दवाएं पूरी तरह से मुफ्त मिलेंगी। यह पूरी पहल केंद्र सरकार और बिहार सरकार द्वारा राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) के तहत संयुक्त रूप से लागू की जा रही है। केंद्र सरकार ने बिहार में कुल 598 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसमें 164 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) और 434 शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (UHWC) शामिल हैं।
| सुविधा/केंद्र | समय और विवरण |
|---|---|
| शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) | सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक |
| शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (UHWC) | सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक |
| पटना जन सेवा केंद्र | 11 केंद्रों को UHWC में बदला जाएगा |
| शिक्षण संस्थान | 14 इंजीनियरिंग कॉलेज और 19 पॉलिटेक्निक में UHWC |
इन केंद्रों पर ओपीडी, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, परामर्श और संचारी व गैर-संचारी रोगों की जांच जैसी 12 तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, स्लम बस्तियों के लोगों तक सीधी मदद पहुंचाने के लिए विशेष दूरस्थ स्वास्थ्य शिविर और आयुष्मान आरोग्य शिविर भी लगाए जाएंगे। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और स्वास्थ्य विभाग की मदद से पटना के जन सेवा केंद्रों को भी स्वास्थ्य केंद्रों में बदला जाएगा ताकि लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।