Bihar में बच्चों के दिल का मुफ्त इलाज, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मेदांता अस्पताल में जांच शिविर का किया दौरा

Bihar: राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पटना के जयप्रभा Medanta सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आयोजित बाल हृदय जांच शिविर का दौरा किया। इस शिविर का मकसद जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों की पहचान कर उनका मुफ्त इ

Bihar: राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पटना के जयप्रभा Medanta सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आयोजित बाल हृदय जांच शिविर का दौरा किया। इस शिविर का मकसद जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों की पहचान कर उनका मुफ्त इलाज सुनिश्चित करना है। मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर योजना की प्रगति की जानकारी ली और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बाल हृदय योजना की शुरुआत साल 2021 में हुई थी, जब नीतीश कुमार तत्कालीन मुख्यमंत्री थे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को इलाज देना है जो पैसों की कमी के कारण हार्ट सर्जरी नहीं करा पाते। Medanta अस्पताल ने अब तक इस स्कीम के जरिए 574 बच्चों का इलाज किया है, जबकि पूरे बिहार में अब तक कुल 3,165 बच्चों का सफल और मुफ्त उपचार हो चुका है।

2 अगस्त को आयोजित इस विशेष स्क्रीनिंग शिविर में बिहार के 34 जिलों से आए 280 बच्चों का इको (ECHO) और ईसीजी (ECG) टेस्ट किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस शिविर के माध्यम से छोटे बच्चों के दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारियों का पता लगाकर उनका इलाज किया जाएगा।

इस योजना के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को लाभ मिलता है। सरकार सामान्य हार्ट ऑपरेशन के लिए 1,30,000 रुपये और मुश्किल ऑपरेशन के लिए 1,50,000 रुपये तक का खर्च उठाती है। इसके अलावा हार्ट स्टेंट बदलने के लिए 50,000 रुपये की सहायता दी जाती है। इलाज का पूरा पैसा सीधे अस्पताल के खाते में जाता है और मरीज के परिवार को अस्पताल में सभी जरूरी सुविधाएं मिलती हैं। इलाज के बाद तीन बार मुफ्त फॉलो-अप की सुविधा भी दी जाती है।

योजना का लाभ लेने के लिए बच्चों का आधार कार्ड और परिवार का राशन कार्ड होना जरूरी है। इसके लिए आवेदन पत्र आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में जमा करना होता है। इस काम में Medanta के अलावा श्री सत्य साई हार्ट हॉस्पिटल अहमदाबाद, IGIC पटना और IGIMS पटना जैसे संस्थान भी शामिल हैं।