Bihar: बिहार सरकार राज्य के शहरी इलाकों का चेहरा बदलने के लिए ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ योजना ला रही है। इसके तहत 11 शहरों में आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएंगी जिससे न केवल रहने की जगह सुधरेगी बल्कि रोजगार
Bihar: बिहार सरकार राज्य के शहरी इलाकों का चेहरा बदलने के लिए ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ योजना ला रही है। इसके तहत 11 शहरों में आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएंगी जिससे न केवल रहने की जगह सुधरेगी बल्कि रोजगार के नए मौके भी मिलेंगे। नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD) ने इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है।
किन शहरों में और कब तक बनेगा मास्टर प्लान
इस योजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, मुंगेर और सोनपुर जैसे शहरों का काम 31 मार्च 2027 तक होगा। दूसरे चरण में मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी और छपरा को 30 जून 2027 तक जोड़ा जाएगा। इन टाउनशिप को रिंग रोड और एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा ताकि आवाजाही आसान रहे।
| शहर |
नया नाम/थीम |
मुख्य फोकस |
| पटना |
पाटलिपुत्र |
फिनटेक सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, ज्यूडिशियल एकेडमी |
| सोनपुर |
हरिहरनाथपुरम |
लॉजिस्टिक्स हब और ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट |
| गया |
मगध |
टूरिज्म और कल्चरल हब |
| दरभंगा |
मिथिला |
एजुकेशन और आईटी हब |
| मुजफ्फरपुर |
तिरहुत |
कमर्शियल और इंडस्ट्रियल हब |
| भागलपुर |
विक्रमशिला |
सिल्क इंडस्ट्री और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी |
| पूर्णिया |
पूर्णिया |
हेल्थकेयर और एग्रो-प्रोसेसिंग |
| छपरा |
सारण |
ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स |
| सहरसा |
कोसी |
वाटर मैनेजमेंट और सस्टेनेबल हाउसिंग |
| मुंगेर |
अंग |
हेरिटेज और मैन्युफैक्चरिंग |
| सीतामढ़ी |
सीतापुरम |
टूरिज्म और रिलिजियस सर्किट |
लैंड पूलिंग मॉडल से किसानों को क्या लाभ होगा
सरकार इस बार जमीन जबरन नहीं ले रही है बल्कि लैंड पूलिंग मॉडल अपना रही है। इसमें किसानों से जमीन लेकर उसे सड़क, बिजली और नाली जैसी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। विकास के बाद 55% विकसित जमीन वापस किसान को दे दी जाएगी। इससे जमीन की कीमत बाजार दर से 10 से 20 गुना तक बढ़ सकती है। जो किसान इस मॉडल में शामिल नहीं होना चाहते, सरकार उनसे बाजार दर पर जमीन खरीदेगी या TDR का विकल्प देगी।
जमीन की रजिस्ट्री और निर्माण पर क्यों लगी रोक
बिचौलियों और भू-माफियाओं से किसानों को बचाने के लिए सरकार ने चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। अब इन इलाकों में किसी भी तरह का नया निर्माण नहीं हो सकेगा। पहले चरण के शहरों के लिए यह रोक 31 मार्च 2027 तक और दूसरे चरण के लिए 30 जून 2027 तक रहेगी। जैसे-जैसे किसान योजना पर अपनी सहमति देंगे, यह रोक हटाई जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लैंड पूलिंग मॉडल में किसानों को कितना फायदा होगा?
किसानों की जमीन को विकसित करने के बाद उन्हें 55% विकसित हिस्सा वापस मिलेगा। विकसित प्लॉट होने के कारण जमीन की कीमत वर्तमान दर से 10 से 20 गुना तक बढ़ने की उम्मीद है।
किन शहरों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है?
पहले चरण के शहरों (पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, मुंगेर, सोनपुर) में 31 मार्च 2027 तक और दूसरे चरण के शहरों (मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, छपरा) में 30 जून 2027 तक रोक रहेगी।