Bihar में किसानों को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक मिलेगी बिजली, राज्य में आएगी Green Hydrogen Policy
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के किसानों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए दो बड़े ऐलान किए हैं। अब बिहार के किसानों को खेती के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यानी पूरे 12 घंटे बिजली मिलेगी। इसके साथ ही राज्य में स्वच्छ
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के किसानों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए दो बड़े ऐलान किए हैं। अब बिहार के किसानों को खेती के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यानी पूरे 12 घंटे बिजली मिलेगी। इसके साथ ही राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक नई ‘ग्रीन हाइड्रोजन नीति’ (Green Hydrogen Policy) तैयार की जा रही है, जिससे औद्योगिक विकास और पर्यावरण दोनों को फायदा होगा।
मुख्यमंत्री ने 9 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन फैसलों पर मुहर लगाई। किसानों के लिए यह फैसला काफी राहत भरा है क्योंकि अब उन्हें समर्पित कृषि फीडरों के जरिए बिना किसी रुकावट के बिजली मिलेगी। वर्तमान में किसानों को कृषि कनेक्शन पर करीब 55 पैसे प्रति यूनिट की बहुत सस्ती दर पर बिजली मिल रही है, जिस पर सरकार 93% तक की सब्सिडी दे रही है। राज्य में अब तक 2,700 से ज्यादा कृषि फीडर लगाए जा चुके हैं ताकि सिंचाई की समस्या दूर हो सके।
ऊर्जा के क्षेत्र में बदलाव लाते हुए बिहार सरकार ‘बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026’ का मसौदा तैयार कर चुकी है। इस नीति का मुख्य लक्ष्य 2031 तक राज्य में हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया का उत्पादन बढ़ाना है। इस पूरी योजना से राज्य में करीब 16,000 करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है।
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| उत्पादन लक्ष्य (2031 तक) | 0.10 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) |
| इलेक्ट्रोलाइज़र क्षमता | लगभग 1 गीगावॉट (GW) |
| नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता | 2.5 GW |
| सब्सिडी | पूंजीगत व्यय पर 10% (अधिकतम 1 करोड़ रुपये प्रति MW) |
| नोडल एजेंसी | BREDA (बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी) |
| विशेष सुविधा | सिंगल विंडो क्लीयरेंस और श्वेत श्रेणी (White Category) का दर्जा |
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना के तहत सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को तेज करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही बिहार में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं को देखते हुए अधिकारियों को नई कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया है।