Bihar में हरित ऊर्जा क्रांति की तैयारी, 3305 MW ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के लिए केंद्र से मांगी मदद
Bihar: राज्य को प्रदूषण मुक्त और बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल और ऊर्जा सचिव अजय यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्
Bihar: राज्य को प्रदूषण मुक्त और बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल और ऊर्जा सचिव अजय यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य में 3305 मेगावाट क्षमता के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को विकसित करने के लिए केंद्र से वित्तीय मदद और मंजूरी मांगी गई है, जिस पर केंद्र ने सकारात्मक आश्वासन दिया है।
इस नई योजना का सीधा असर बिहार के कई जिलों पर पड़ेगा। यह कॉरिडोर जमुई, बांका, लखीसराय, औरंगाबाद और कैमूर जैसे जिलों में बनने वाले सौर पार्कों से बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने और उसे सही तरीके से मैनेज करने में मदद करेगा। ऊर्जा मंत्री ने साफ किया कि सरकार राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा यानी सोलर और ग्रीन एनर्जी को तेजी से बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में आम लोगों के फायदे के लिए ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ पर भी चर्चा हुई। बिहार सरकार ने पहले चरण में 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल राज्य में करीब 58 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ता हैं, जिनमें से केवल 2.5 लाख लोगों को ही अब तक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की मंजूरी मिली है, जिसे अब बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा, बैठक में कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर भी बात हुई:
- पीएम-कुसुम चरण II के तहत 1,000 कृषि फीडरों को सोलर से जोड़ना।
- औरंगाबाद में 150 मेगावाट के SECI सौर पार्क का विकास।
- बिहार हरित हाइड्रोजन नीति को लागू करना।
- राज्य में राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) का एक क्षेत्रीय केंद्र खोलना।