Bihar: बिहार में पर्यावरण को बचाने की कोशिशें रंग ला रही हैं। राज्य सरकार की ‘जल-जीवन-हरियाली’ योजना के कारण बिहार का हरित आवरण 9 प्रतिशत से बढ़कर अब 16 प्रतिशत तक पहुँच गया है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुम
Bihar: बिहार में पर्यावरण को बचाने की कोशिशें रंग ला रही हैं। राज्य सरकार की ‘जल-जीवन-हरियाली’ योजना के कारण बिहार का हरित आवरण 9 प्रतिशत से बढ़कर अब 16 प्रतिशत तक पहुँच गया है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी और बताया कि राज्य में अब तक करोड़ों पौधे लगाए जा चुके हैं।
कितने पौधे लगाए गए और क्या है लक्ष्य
मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार अब तक लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, जबकि ग्रामीण विकास विभाग के 13 मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक यह संख्या 21.24 करोड़ से अधिक है। सरकार ने अब लक्ष्य रखा है कि साल 2028 तक राज्य के हरित आवरण को बढ़ाकर 17 प्रतिशत किया जाए। इस साल मानसून के दौरान 5 करोड़ नए पौधे लगाने की तैयारी है।
कौन-कौन सी संस्थाएं कर रही हैं काम
हरियाली बढ़ाने के इस अभियान में कई विभाग और समूह मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के साथ-साथ मनरेगा और जीविका दीदियां भी शामिल हैं। बांका जिले में ही इस साल 19 लाख फलदार और छायादार पौधे पंचायतों में मुफ्त बांटने का लक्ष्य रखा गया है।
हरित बिहार के लिए अन्य बड़े कदम
सिर्फ पेड़ लगाना ही नहीं, बल्कि प्रदूषण कम करने के लिए बिहार सरकार ने 13 मई 2026 को बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति को मंजूरी दी है। इसका मकसद 2030 तक नए वाहनों में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। मंत्री श्रवण कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने जन्मदिन या पुण्यतिथि जैसे खास मौकों पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में हरित आवरण कितना बढ़ा है?
बिहार का हरित आवरण ‘जल-जीवन-हरियाली’ योजना के जरिए 9 प्रतिशत से बढ़कर अब 16 प्रतिशत हो गया है और इसे 2028 तक 17 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर सरकार का क्या लक्ष्य है?
बिहार सरकार ने नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत लक्ष्य रखा है कि साल 2030 तक राज्य में बिकने वाले नए वाहनों में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन हों।