Bihar : बिहार में हरियाली बढ़ाने के सरकारी प्रयासों का असर दिख रहा है। राज्य का ग्रीन कवर अब बढ़कर 15.5% से अधिक हो गया है। यह बदलाव आम लोगों के लिए पर्यावरण के लिहाज से अच्छी खबर है क्योंकि राज्य में पेड़ों की संख्या और
Bihar : बिहार में हरियाली बढ़ाने के सरकारी प्रयासों का असर दिख रहा है। राज्य का ग्रीन कवर अब बढ़कर 15.5% से अधिक हो गया है। यह बदलाव आम लोगों के लिए पर्यावरण के लिहाज से अच्छी खबर है क्योंकि राज्य में पेड़ों की संख्या और वन क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
हरित आवरण में कितनी हुई बढ़ोतरी
बिहार के हरित क्षेत्र में पिछले कुछ सालों में बड़ा उछाल आया है। साल 2005 में यह केवल 7.4% था, जो 2011 में बढ़कर 9% हुआ। मई 2025 के आंकड़ों के मुताबिक यह 15.05% था, लेकिन मार्च 2026 तक ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार यह 15.5% के पार पहुंच गया है।
कैसे बढ़ा बिहार का ग्रीन कवर
इस कामयाबी के पीछे मुख्य रूप से ‘जल-जीवन-हरियाली मिशन’ (JJHM) का हाथ है, जिसे 2019 में शुरू किया गया था। इस मिशन के तहत अब तक 21.25 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर वनीकरण के काम में जुटे हुए हैं।
सरकार का अगला लक्ष्य क्या है
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य सरकार ने बिहार की हरियाली को और बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि साल 2028 तक राज्य के कुल हरित आवरण को बढ़ाकर 17% किया जाए। सहरसा के DM दीपेश कुमार ने भी अगले 2-3 सालों में इसे 18% तक ले जाने की बात कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार का वर्तमान ग्रीन कवर कितना है?
मार्च 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बिहार का कुल हरित आवरण 15.5% से अधिक हो गया है।
जल-जीवन-हरियाली मिशन का क्या प्रभाव पड़ा?
इस मिशन के तहत अब तक 21.25 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे राज्य के हरित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।