Bihar में ग्राम पंचायतों को मिला टैक्स वसूलने का अधिकार, मकान और होर्डिंग समेत कई चीजों पर लगेगा शुल्क
Bihar: बिहार की ग्राम पंचायतों को अब खुद टैक्स वसूलने की शक्ति मिल गई है। राज्य सरकार ने ग्रामीण निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। अब पंचायतें अपने क्षेत्र में मकान, दुकान और विज्ञापन होर
Bihar: बिहार की ग्राम पंचायतों को अब खुद टैक्स वसूलने की शक्ति मिल गई है। राज्य सरकार ने ग्रामीण निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। अब पंचायतें अपने क्षेत्र में मकान, दुकान और विज्ञापन होर्डिंग जैसे संसाधनों पर टैक्स लगा सकेंगी, जिससे उन्हें विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 15 जुलाई, 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में “ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026” को मंजूरी दी गई। यह नियम बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-27 के तहत लागू किए गए हैं। कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि इस कदम का मकसद पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है।
टैक्स की दरों को लेकर यह तय किया गया है कि आवासीय मकानों पर कम टैक्स लगेगा, जबकि व्यावसायिक भवनों पर ज्यादा शुल्क लिया जाएगा। टैक्स की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि भवन का आकार क्या है और वह मुख्य सड़क या बाजार क्षेत्र में है या सामान्य ग्रामीण इलाके में। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को होल्डिंग टैक्स से राहत मिल सकती है।
| टैक्स की श्रेणी | किस पर लगेगा शुल्क |
|---|---|
| संपत्ति कर | मकान और भवनों पर होल्डिंग टैक्स |
| व्यावसायिक शुल्क | पंचायत क्षेत्र के व्यापार और उद्योगों पर |
| सेवा शुल्क | पेयजल, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी सेवाओं पर |
| विज्ञापन शुल्क | होर्डिंग और बैनर लगाने पर |
| बाजार कर | हाट-बाजारों से वसूली |
इस फैसले के साथ ही कैबिनेट ने 2011 की जनगणना के आधार पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों के परिसीमन को भी मंजूरी दी है। अब इस परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही आगामी पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।