Bihar में यूनिवर्सिटी शिक्षकों और कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, सरकार ने जारी किए 998 करोड़ रुपये, अब मिलेगा वेतन और पेंशन

Bihar: बिहार के सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में काम करने वाले हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने मार्च से मई 2026 तक के बकाया वेतन, पेंशन और रिटायरमेंट लाभों के भुगतान के लिए ल

Bihar: बिहार के सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में काम करने वाले हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने मार्च से मई 2026 तक के बकाया वेतन, पेंशन और रिटायरमेंट लाभों के भुगतान के लिए लगभग 998.84 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इस फैसले से उन करीब 50,000 कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है जो पिछले कई महीनों से अपने पैसों का इंतजार कर रहे थे।

यह फंड शुक्रवार, 12 जून 2026 को जारी किया गया। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने साफ तौर पर कहा कि वेतन और पेंशन किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकार का हिस्सा हैं और इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी बकाया राशियों को तुरंत क्लियर करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी माना कि करीब 1,500 करोड़ रुपये के बिलों के लिए यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (उपयोगिता प्रमाण पत्र) न मिलने की वजह से देरी हुई थी, लेकिन अब इसे सुलझा लिया गया है।

वित्त विभाग ने इस अनुदान को मंजूरी दी है और यह पैसा Comprehensive Financial Management System (CFMS) के जरिए विश्वविद्यालयों तक पहुंचेगा। उच्च शिक्षा निदेशक N.K. Agrawal ने पुष्टि की है कि फंड जारी कर दिया गया है और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा करें।

मुख्य विवरण जानकारी
कुल जारी राशि लगभग 998.84 करोड़ रुपये
कवर की गई अवधि मार्च से मई 2026
लाभार्थी संस्थान 13 राज्य विश्वविद्यालय और कॉलेज
महंगाई भत्ता (DA) 60% की गणना पर
शर्त एक महीने के भीतर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा करना होगा
विशेष निर्देश 3 महीने तक पैसा न इस्तेमाल करने पर वापस करना होगा

इस फंड का लाभ पटना यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी, बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी, एलएन मिथिला यूनिवर्सिटी समेत राज्य के सभी 13 विश्वविद्यालयों को मिलेगा। नए नियुक्त शिक्षकों के वेतन का भुगतान उनके दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के बाद किया जाएगा। इससे पहले RJD और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार को घेरा था और FUTAB जैसे शिक्षक संगठनों ने भी वेतन में देरी पर चिंता जताई थी।