Bihar में NEET प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज मामले वापस लिए, जेल से छूटेंगे छात्र

Bihar: नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए बिहार सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मामले वापस लेने का ऐलान किया है, जिससे जेल में बंद छात्र अब रिहा हो सकेंगे। इस फ

Bihar: नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए बिहार सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मामले वापस लेने का ऐलान किया है, जिससे जेल में बंद छात्र अब रिहा हो सकेंगे। इस फैसले के बाद अब उन छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी जो विरोध प्रदर्शन में शामिल थे।

बिहार सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है। नियम के मुताबिक, 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले प्रदर्शन में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अब कोई दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में महाधिवक्ता एस.डी. संजय, जिला अधिकारी और लोक अभियोजक की मुख्य भूमिका रही है। बताया गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी इन मामलों को वापस लेने की मांग की थी।

अब तक राज्य के 19 जिलों में दर्ज कुल 64 FIR वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 27 मामले अकेले पटना से हैं। पटना सिविल कोर्ट ने 29 जुलाई 2026 को आवेदन स्वीकार करते हुए जेल में बंद प्रदर्शनकारी छात्रों को रिहा करने का आदेश दे दिया है।

दूसरी तरफ, देश की राजधानी दिल्ली में संसद के भीतर पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए नए विधेयक पर बहस चल रही है। 29 जुलाई 2026 को लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा हुई। विपक्ष ने इस बिल में 93 संशोधन सुझाए हैं। राहुल गांधी ने सदन में छात्रों के भविष्य और सरकारी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, वहीं अखिलेश यादव ने नीट परीक्षा में जान गंवाने वाले छात्रों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।

मामलों की जल्द सुनवाई के लिए पटना उच्च न्यायालय ने एक नई पहल की है। कोर्ट ने पटना, पूर्णिया और लखीसराय में तीन विशेष ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ बनाए हैं। इन अदालतों का मकसद यह है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों का निपटारा जल्द हो और आरोप पत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर फैसला सुना दिया जाए।