Bihar में नीट छात्र आंदोलन पर सरकार का बड़ा फैसला, 64 केस वापस होंगे और प्रदर्शनकारी होंगे रिहा
Bihar: राज्य सरकार ने नीट छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद अब राज्य भर में दर्ज 64 प्राथमिकी (FIR) को खत्म करने और गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की प
Bihar: राज्य सरकार ने नीट छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद अब राज्य भर में दर्ज 64 प्राथमिकी (FIR) को खत्म करने और गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गृह विभाग ने साफ किया है कि 26 जुलाई 2026 की शाम छह बजे तक आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज सभी केस, परिवाद और नोटिस वापस लिए जाएंगे।
राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) एसडी संजय ने सभी जिलाधिकारियों (DM) और लोक अभियोजकों (Public Prosecutor) को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। नोटिस के जरिए निर्देश दिया गया है कि सभी जिला पदाधिकारी अपने स्तर से संबंधित अधिकारियों को जरूरी आदेश जारी करें ताकि सरकार के इस फैसले का पालन जल्द से जल्द हो सके। इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट सरकार और महाधिवक्ता कार्यालय को भेजने को कहा गया है।
महाधिवक्ता कार्यालय ने उन 64 मुकदमों की जिलावार सूची भी जारी कर दी है जिन्हें वापस लिया जाना है। यह मामले राज्य के कुल 19 जिलों में दर्ज हैं। सबसे ज्यादा केस पटना में दर्ज थे, जिन्हें अब खत्म किया जाएगा।
| जिला | वापस होने वाले केस |
|---|---|
| पटना | 27 |
| सारण | 6 |
| सिवान | 6 |
| सीतामढ़ी | 4 |
| गोपालगंज | 3 |
| बेगूसराय | 2 |
| कटिहार | 2 |
| अन्य 12 जिले* | 1-1 केस |
सूची में शामिल अन्य जिलों में किशनगंज, लखीसराय, औरंगाबाद, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, वैशाली, नालंदा, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, दरभंगा और मुंगेर शामिल हैं। सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में किसी भी तरह की सीधी या परोक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी।