Bihar: बिहार सरकार ने ‘हर घर नल का जल’ योजना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस योजना में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर किसी इंजीनियर की कार्यशैली में अयोग्यता
Bihar: बिहार सरकार ने ‘हर घर नल का जल’ योजना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस योजना में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर किसी इंजीनियर की कार्यशैली में अयोग्यता या उदासीनता पाई गई, तो उन्हें नौकरी से निकालने या जबरन रिटायर (CRS) करने की कार्रवाई की जाएगी।
इंजीनियरों के खिलाफ सरकार ने क्या सख्त कदम उठाए हैं?
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के सचिव ने समीक्षा बैठक के दौरान कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उन असिस्टेंट इंजीनियरों पर नाराजगी जताई जो फील्ड विजिट नहीं कर रहे थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुंगेर, लखीसराय और जमुई प्रमंडल में चल रही योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी और सभी लंबित प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना होगा।
पहले भी हुई है बड़ी कार्रवाई, कौन-कौन हुआ निलंबित?
लापरवाही पर सरकार का एक्शन पुराना है। फरवरी 2026 में दो एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, अमित कुमार और मोहम्मद अख्तर को निलंबित किया गया था। इससे पहले मार्च 2025 में भी खराब प्रदर्शन के कारण चार एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों का तबादला हुआ और दो को सस्पेंड किया गया। इसके अलावा, काम में देरी और लापरवाही के चलते SBD Green Energy & Infra India Private Limited जैसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया है।
आम जनता के लिए क्या सुविधा उपलब्ध है?
बिहार सरकार का लक्ष्य हर ग्रामीण घर तक साफ और सुरक्षित पीने का पानी पहुंचाना है। इस योजना की निगरानी के लिए सरकार ने एक सेंट्रलाइज्ड शिकायत निवारण सिस्टम बनाया है। लोग अब एक मोबाइल ऐप के जरिए भी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं, ताकि अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके और जनता को समय पर सुविधा मिले।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नल-जल योजना में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
लापरवाही या अयोग्यता पाए जाने पर इंजीनियरों को जबरन रिटायर (Compulsory Retirement) किया जा सकता है या उन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है।
योजना से जुड़ी शिकायत कहाँ दर्ज कराई जा सकती है?
बिहार सरकार ने इसके लिए एक सेंट्रलाइज्ड शिकायत निवारण सिस्टम और एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जहाँ नागरिक अपनी समस्या बता सकते हैं।