Bihar में कम बारिश के कारण ग्रामीण मजदूरों को बड़ी राहत, VB-GIRAMJI योजना के नियमों में हुआ बदलाव

Bihar: राज्य में मानसून की खराब स्थिति और कम बारिश को देखते हुए बिहार सरकार ने ग्रामीण मजदूरों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GIRAMJI) के तहत खरीफ की खेती के दौरान

Bihar: राज्य में मानसून की खराब स्थिति और कम बारिश को देखते हुए बिहार सरकार ने ग्रामीण मजदूरों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GIRAMJI) के तहत खरीफ की खेती के दौरान मिलने वाली छूट के नियमों में बदलाव किया है। इस कदम का मकसद संकट की घड़ी में ग्रामीण परिवारों को रोजगार देना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जन संपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि कृषि विभाग ने इस साल कम वर्षा और अल-नीनो के गंभीर असर का आकलन किया है। खेती के मौसम में आए इस बदलाव के कारण श्रमिकों को राहत देने के लिए लीन पीरियड (काम बंद रहने की अवधि) की तारीखों को बदला गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को जरूरी आदेश जारी कर दिए हैं।

अलग-अलग जिलों के लिए लीन पीरियड की नई तारीखें इस प्रकार तय की गई हैं:

जिलों के समूह लीन पीरियड की अंतिम तिथि
शेखपुरा, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर और बांका 10 अगस्त तक
रोहतास, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, अरवल, पटना, जहानाबाद, नवादा, नालंदा, औरंगाबाद और गया 9 अगस्त तक

सरकार ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वे लीन पीरियड शुरू होने से पहले युद्धस्तर पर सारी तैयारी पूरी कर लें। अधिकारियों को कहा गया है कि ज्यादा से ज्यादा जॉब कार्डधारी श्रमिकों को तुरंत काम पर लगाएं ताकि मानव दिवस का सृजन तेजी से हो सके। विभाग के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को एक समय सीमा के अंदर ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को जोड़ने और योजनाओं को तेजी से लागू करने की रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

आमतौर पर VB-GIRAMJI योजना में खरीफ और रबी की खेती के समय काम बंद रखने का नियम था, लेकिन इस बार बारिश की कमी को देखते हुए सरकार ने इसमें नीतिगत बदलाव किया है ताकि किसी भी गरीब परिवार को रोजगार की कमी न हो।